प्रदेश में बिजली उत्पादन और मांग में भारी अंतर आने से जबरदस्त कटौती शुरू हो गई है। अनपरा में उत्पादन गिरने से उन्नाव पारेषण लाइनें प्रभावित हो गईं हैं। उधर, रोजा स्थित रिलायंस ने अपनी तीन इकाइयाें में उत्पादन ही बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि विभाग ने बिजली खरीद करने से हाथ खींच लिया है। इससे बरेली और आसपास शहरों में 12 घंटे से ज्यादा कटौती शुरू हो गयी है।
पारा अभी 40 पर है और सप्लाई कटौती 12 घंटे से ज्यादा होने लगी है। शुक्रवार 27 मई को शहर में पांच दौर में 12 घंटे हुई कटौती से विभागीय अफसरों की ही नींद उड़ गयी। रात सवा 12 बजे शुरू हुई आपात कटौती से जोनल चीफ इंजीनियर भी सकते में आ गए। कंट्रोल से संपर्क किया गया तो कटौती कम करने से इंकार कर दिया। शुक्रवार सुबह पांच बजे हुई दो घंटे कटौती ने शहरी पेयजल सप्लाई व्यवस्था ही चौपट कर दी। लोग सुबह बिजली पानी को तरसते रहे। सुबह सवा दस से दो बजे और शाम पौने तीन से पौने पांच बजे हुई कटौती से लोग कराह उठे। शाम दो घंटे भी सप्लाई नहीं मिली कि फिर ब्लैक आउट हो गया। यह क्रम आधी रात तक जारी रहा। स्थानीय स्तर पर ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग से समस्या बनी रही।
रोजा में उत्पादन बंद!
रोजा स्थित रिलायंस बिजलीघर में तीन इकाईयां बंद हो गयी हैं। इससे बरेली मंडल में ज्यादा समस्या हो गयी है। बताया जाता है कि प्रदेश सरकार इस समय पावर परचेज कम कर रही है, इससे रोजा बिजली घर में तीन इकाइयां बंद करना पड़ी हैं। जिससे नौ सौ मेगावाट बिजली कमी हो गयी है। सिर्फ तीन सौ मेगावाट का ही उत्पादन रोजा बिजली घर कर रहा है।
बना रहेगा संकट
चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने कहा है कि अनपरा उत्पादन गृह पर आयी समस्या जल्द हल हो जाएगी। उन्नाव लाइन पर कुछ काम हो रहा है, इससे बरेली मंडल में कम सप्लाई आयी। जबकि शुक्रवार में अचानक उत्तरी ग्रिड फ्रीक्वेंसी गिरने से आपात कटौती करायी गयी है। उधर, जानकार लोगों ने बताया कि फिलहाल कुछ दिनों तक समस्या बनी रहेगी। मौसम सामान्य होने पर ही सप्लाई सही मिल पाएगी।
‘रोजा बिजली घर तीन और अनपारा में दो इकाईयां बंद होने से प्रदेश भर में सप्लाई संकट पैदा हुआ है। जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। आपात कटौती ग्रिड बचाने के लिए जरूरी है।’
- यतीश वत्स, एसई पारेषण