बरेली बेसिक शिक्षा विभाग के टीचर समय से स्कूल पहुंचें, इसके लिए उन्हें निवास स्थान के पास ही तैनाती देने की तैयारी की जा रही है। बीएसए ने इसके लिए शिक्षकों के निवास स्थान का ब्योरा मांगा है। शासन के इस कदम से शिक्षकों को काफी राहत मिलेगी।
करीब तीन हजार परिषदीय स्कूलों में लगभग 12 हजार शिक्षक तैनात हैं। इसमें बड़ी संख्या में शहरी शिक्षकों को सुदूर ग्रामीण इलाकों में नियुक्ति दी गई है। ग्रामीण इलाकों के शिक्षकों को भी अपने ब्लॉक से काफी दूर विद्यालयों में तैनाती मिलने से वे भी समय से अपने स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं।
शासन ने इस दिक्कत को देखते हुए विभाग को दिशा-निर्देश दिए हैं। बीएसए विनय कुमार का कहना है कि शिक्षकों को उनके निवास स्थान से नौ किलोमीटर के दायरे में किसी स्कूल में तैनाती दी जानी है। इसके लिए बीईओ के माध्यम से सभी शिक्षकों के बारे में यह सूचना एकत्र की जा रही है कि किस शिक्षक का निवास स्थान कहां है और उनकी नियुक्ति कहां है।
शिक्षकों का कहना है कि शासन के इस फैसले के बाद शिक्षकों को हर दिन समय से स्कूल पहुंचने में काफी आसानी होगी। इसके साथ ही उनका बच्चों को पढ़ाई कराने में और ज्याद मन लग जाएगा।
शहर की तरह ग्रामीण इलाकों के शिक्षकों को भी मिले भत्ता
शिक्षक नेता डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि शहरी क्षेत्र के शिक्षकों को भत्ता मिलता है। इसलिए भी शिक्षक ग्रामीण इलाकों के स्कूल में जाना नहीं चाहते। अगर शहर की तरह ग्रामीण इलाकों के शिक्षकों को भी भत्ता मिले तो स्थिति और भी बेहतर हो सकेगी।
बीएसए विनय कुमार ने बताया कि सभी अध्यापकों के निवास स्थान के बारे में ब्योरा मांगा गया है। नए शासनादेश में शिक्षकों को उनके निवास स्थान के पास नियुक्ति दी जानी है।