मकान में आई दरार दिखाते जोगी नवादा के क्षेत्रवासी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
मकानों के दरकने से घरों के दरवाजे हुए टाइट, कमरे व फर्श पर आईं दरारें
बरेली। जोगी नवादा में मकान छह इंच तक जमीन में दरक गए हैं। कमरों की चौखट के खिसकने से दरवाजे टाइट हो गए हैं। अब वह खुल भी नहीं रहे हैं। इसी तरह करीब आधा दर्जन मकानों को नुकसान पहुंचा है। यहां बता दें कि मोहल्ले में पानी की पाइप लाइन डाली जा रही है, जिसमें एक स्थान पर पाइप में कैप न लगी होने के कारण प्रायोगिक तौर पर छोड़ा जा रहा पानी मकानों की नींव में जाता रहा, जिसके कारण वहां की मिट्टी धंस गई और मकानों में दरार आ गई। मामले में मकान मालिकों ने एसएसपी से मुलाकात कर जलकल एक्सईएन पर मुकदमा लिखाने की बात कही है। जलकल महाप्रबंधक आरके यादव ने बताया कि मामला जानकारी में आया है। रिपोर्ट मांगी गई है।
कमरों में आ गई दरार, खिसक गई नींव
सुरेश राठौर का मकान करीब छह इंच तक नीचे धसक गया है। एक तरफ का हिस्सा कुछ तिरछा हुआ है। इससे मकान में फर्श पर लगे पत्थर भी चटक गए हैं। दीवारों में दरारें आ गई हैं। छत के लिंटर में दरार आने के बाद उन्होंने छत पर पॉलिथीन डलवा दी है। वहीं मकान की नींव के किनारे खुदाई कराकर उसे सही करा रहे हैं, जिससे बारिश होने से नुकसान न पहुंचे। सुरेश राठौर ने बताया कि उन्होंने बुधवार को एसएसपी से मुलाकात कर मुकदमा लिखाने की बात कही है। एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
तेजराम के मकान में भी आई दरार
जहां स्थान पर पाइप लाइन में कैप नहीं लगाई गई उस गली में चार ही मकान है। यहीं तेजराम के मकान के मुख्य गेट से ऊपर तक मकान में दरार आई है। तेजराम ने बताया कि जब पानी निकलकर भर रहा था तो उन्होंने कई फोन जलकल विभाग को किए, लेकिन किसी का फोन नहीं उठा।