पैगंबर पर टिप्पणी के विरोध हो रहे बवाल को लेकर पहली बार सुन्नी मरकज की दरगाह आला हजरत भी सामने आ गई है। इस मामले में दरगाह के सज्जादा नशीन अहसन रजा खान कादरी उर्फ हसन मियां ने बयान जारी कर टिप्पणी करने वाले भाजपा के पूर्व प्रवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग की है।
उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई का सख्त विरोध करते हुए कहा है कि अब जज और अदालत का काम बुलडोजर कर रहे हैं। इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए, क्योंकि किसी एक कसूरवार की सजा उसके पूरे परिवार को नहीं दी जा सकती, यह अन्याय है। पुणे, कानपुर और प्रयागराज में बुलडोजर एक्शन का जिक्र करते हुए कहा कि न्यायालय को अपना काम करने देना चाहिए।
अहसन मियां ने ''शांतिपूर्ण तरीके से किये गए प्रदर्शनों'' पर पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने खासतौर से जुमे को रांची (झारखंड) में हुए बवाल कि कड़ी निंदा करते हुए उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। कहा कि नमाज के बाद निहत्थे मुसलमानों पर पुलिस ने गोलियां चला दीं। दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस प्रशासन देश मे दोहरा रवैया अपना रहा है। मुल्क में मुसलमानों को छोड़ कर अन्य समुदाय धरना प्रदर्शन करता है तो पुलिस हाथ बांधे खड़ी रहती है।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने सज्जादानशीन के बयान की जानकारी देते हुए बताया कि सज्जादानशीन ने कहा कि वक्त रहते भाजपा प्रवक्ताओं को जेल में डाल देती तो देश मे इस तरह का माहौल पैदा नहीं होता। न ही विदेशों में हमारे मुल्क की बदनामी होती। आगे कहा कि दुनियाभर का मुसलमान सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है लेकिन अपने पैगंबर के बारे में टिप्पणी नहीं।