बरेली। बरेली-सितारगंज हाईवे पर अब तक 35 फीसदी काम हो जाना था। लेकिन भू-अधिग्रहण घोटाला सामने आने के चलते प्रगति प्रभावित हुई। मार्च 2024 में अनुबंध हुआ लेकिन फरवरी 2025 तक सिर्फ 12 फीसदी ही काम हो सका। एनएचएआई के सदस्य एडमिन विशाल चौहान ने बुधवार को समीक्षा में यह स्थिति पाई तो निर्माण करा रही फर्म के प्रतिनिधि से कहा कि अगले चार महीने काम की रफ्तार बढ़ाएं अन्यथा कार्यवाही होगी। समय सीमा में काम पूरा कराना जिम्मेदारी है। हर सप्ताह इसकी समीक्षा की जाएगी।
बरेली से सितारगंज तक 71 किलोमीटर का हाईवे टू से फोर लेन किया जाना है। इसका ठेका 1381 करोड़ रुपये का दिया गया है। फर्म के साथ एनएचएआई ने 14 मार्च 2024 को अनुबंध किया था लेकिन अभी तक सिर्फ 12 फीसदी काम हुआ है। 13 मार्च 2026 को निर्माण पूरा किया जाना है। फिलहाल काम की रफ्तार धीमी है। रफ्तार धीमी होने पर उठे सवाल के जवाब में ठेकेदार ने बताया कि खेतों से मिट्टी मिलने में दिक्कत हुई है। पहले अधिग्रहीत जमीन पर कब्जे भी समय पर नहीं मिल सके थे। सदस्य एडमिन ने कहा कि अधिकतर जमीन पर कब्जे तो मिल गए हैं अब काम को आगे बढ़ाएं। प्रगति नहीं हुई तो आने वाले समय में कार्यवाही होगी। इस मौके पर रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण कम होने के सवाल पर अधिकारियों से कहा कि अड़चनें दूर कराएं। एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक तकनीकी, क्षेत्रीय अधिकारी संजीव कुमार शर्मा, परियोजना निदेशक प्रशांत दुबे, पंकज यादव, प्रशांत वाजपेयी आदि रहे। इससे पहले उन्होंने कमिश्नर सौम्या अग्रवाल और डीएम रविंद्र कुमार से मुलाकात की। रिंग रोड के लिए अधिग्रहण को रफ्तार देने पर बातचीत हुई। अमर उजाला ब्यूरो