बरेली। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए पहली मार्च से 131 क्रय बनेंगे। खरीद के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने तैयारी की है। पहली मार्च से खरीद केंद्र खुलेंगे। बीते साल 137 क्रय केंद्र थे। अबकी बार छह क्रय केंद्र कम कर दिए गए है। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों उन केंद्रों को कम किया है जहां गेहूं की आवक कम हुई लेकिन क्रय केंद्र जरूरत पर बढ़ाए जा सकते है। इस संबंध में अधिकारियों को शासन ने निर्देश दिए हैं।
सरकारी खरीद केंद्रों के लिए केंद्र प्रभारियों की नियुक्ति कर दी गई है। पॉश मशीन दी गईं हैं। गेहूं की आवक से पहले केंद्र प्रभारियों को अपने कर्मचारियों के संग किसानों से संपर्क करना है। उन्हें प्रेरित करना है ताकि जैसे ही आवक आए, वैसे ही क्रय केंद्र गुलजार हो जाएं। डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय ने बताया कि जिले में 1,823,583 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की बुआई हुई थी। इससे 8,48,000 मीट्रिक टन गेहूं के पैदा होने का अनुमान है। पिछले साल 36000 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। अबकी बार के लिए अभी शासन से कोई लक्ष्य नहीं आया है लेकिन पिछले साल से अधिक खरीदने की तैयारी है। जिन किसानों को गेहूं बेचना है, वह ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य कराएं। क्योंकि बगैर पंजीकरण के खरीद नहीं की जाएगी। गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल है। पिछली बार 2275 रुपये क्विंटल था। डेढ़ सौ रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। फिलहाल गेहूं का भाव खुले बाजार में 2900-3000 रुपये प्रति क्विंटल तक है। अगर भाव घटता नहीं है तो सरकारी खरीद में चुनौती होगी। अधिकारी खुले बाजार के भाव पर नजर बनाए हुए हैं। अमर उजाला ब्यूरो