बरेली। स्वरोजगार से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद में बरेली पांचवें पायदान पर दर्ज हुआ है। शासन से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बीते वर्ष सीएम युवा उद्यमी के तहत 59 सौ आवेदन के सापेक्ष 51 सौ बैंकों को भेजे गए। 1,980 आवेदकों ने ऋण लेकर स्वरोजगार शुरू किया।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बैंकों को ऋण स्वीकृति के लिए भेजे गए 51 सौ आवेदन में करीब दो हजार बैंकों की ओर से निरस्त कर दिए गए। शेष करीब एक हजार आवेदन विभिन्न बैंकों में स्वीकृति के लिए लंबित हैं।
आवेदन निरस्त किए जाने की वजह सिबिल कम होना, पूर्व में डिफाल्टर, अधूरे दस्तावेज, भरे आवेदन के साथ लगे मूल दस्तावेजों में मात्रात्मक त्रुटि, जिस क्षेत्र में ज्यादा आवेदक पूर्व में बकायेदार सूची में हैं समेत अन्य वजहें हैं। इस पर जवाब मांगा जा रहा है।
बता दें कि पिछले माह जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बैंकों की ओर से लंबित आवेदनों को नियमानुसार ऋण स्वीकृति देने और जबरन निरस्त किए जाने की स्थिति में कार्रवाई के लिए चेताया है। उन्होंने बैंकों के उच्चाधिकारियों को निरस्त आवेदन की समीक्षा करने के लिए भी कहा है।
ये शर्तें पूरी करने वाले आवेदन भेजे जाते हैं बैंक
आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष तक और हाईस्कूल पास हो। किसी अन्य वित्तीय सहायता योजना का लाभार्थी और किसी बैंक से डिफाल्टर न हो। चार वर्ष बगैर ब्याज के ऋण पर अगर लाभार्थी ऋण अदा न करे तो सरकार भरपाई करेगी। ऋण के तहत 25 फीसदी अनुदान राशि लाभार्थी को वापस मिलेगी। बता दें कि प्राप्त आवेदन प्राथमिक जांच के बाद बैंक भेजे जाते हैं। आवेदन निरस्त करने से बैंक की भूमिका संदिग्ध है। ब्यूरो