डीआईजी बोले- अनजान लिंक और कॉल से दूर रहें
बरेली रेंज के डीआईजी अजय साहनी ने दिसंबर के प्रारंभ में ही चारों जिलों के कप्तान को निर्देश दिए थे कि वह अपने यहां इस तरह का अभियान चलाएं और प्री एक्टीवेटेड सिम प्रोवाइडर को चिह्नित कर गिरफ्तारी कराएं। डीआईजी ने कहा कि डिजिटल दुनिया में भी पुलिस सक्रियता से काम कर अपराधियों को सबक सिखा रही है।
उन्होंने लोगों से लालच में न आने की अपील की। कहा कि अनजान लिंक और अनजान कॉल से दूर ही रहें। साइबर अपराध होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या
cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
फर्जी तरह से सिम बेचने के आरोपी के खिलाफ केस
साइबर सेल प्रभारी मीरगंज अरुण कुमार ने फर्जी तरीके से सिम बेचने के आरोपी के खिलाफ रविवार को मामला पंजीकृत कराया है। अरुण कुमार ने तहरीर में बताया कि एक मोबाइल नंबर पर एक लाख रुपये के फ्रॉड की शिकायत पहले से दर्ज है। जब उस नंबर की जांच की गई तो मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव गुगई निवासी आलोक कुमार का नाम सामने आया। वह फर्जी तरीके से सिम बेचता है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दो जगह उड़ाए रुपये, सिम बेचने वाले पर कार्रवाई
अवैध तरीके से बेचे गए सिम से दो अलग-अलग जगहों पर साइबर अपराध होने पर उपनिरीक्षक ने आरोपी के खिलाफ नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उपनिरीक्षक अभिषेक नागर ने बताया कि मोहल्ला आदर्श नगर निवासी विशाल राठौर ने 19 जनवरी 2024 को हाफिजगंज के ग्राम अल्हैया कटैया निवासी मुकेश कुमार को सिम बेचा था।
इस सिम से बुलंदशहर के थाना कोतवाली के मोहल्ला आवास विकास काॅलोनी निवासी वैशाली अग्रवाल से 30 मार्च 2024 को 27 हजार रुपये ठगे गए। दूसरी घटना हरियाणा में हुई। थाना बल्लभगढ़ निवासी बबलू से नौ अप्रैल 2024 को दो हजार रुपये का साइबर अपराध हुआ। इस मामले में उपनिरीक्षक अभिषेक नागर ने आरोपी विशाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।