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UP: शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर बरेली के शख्स से ठगे 49 लाख रुपये, आरोपी देहरादून से गिरफ्तार

Sat, 13 Jun 2026 04:00 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

शेयर बाजार में एल्गो ट्रेडिंग के नाम पर करीब 49 लाख रुपये की साइबर ठगी के मुख्य आरोपी सचिन कुमार को देहरादून से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने ठगी गई रकम में से 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए हैं। आरोपी के खिलाफ बरेली के साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 
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आरोपी सचिन कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के नाम पर मुनाफे का लालच देकर करीब 49.43 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी सचिन कुमार को बरेली पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, चेकबुक, मोहरें और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने ठगी गई रकम में से 31 लाख रुपये होल्ड भी करा दिए हैं। 

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बरेली के एसपी क्राइम मनीष सोनकर के मुताबिक रॉयल पार्क डेंटल कॉलेज निवासी आलोक दुबे ने आठ जून को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पास एक कॉल आई थी, जिसमें शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के जरिए अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया गया। इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर एसएमसी ब्रोकिंग नाम का एप डाउनलोड कराया गया और केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराई गई। 
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शिकायतकर्ता ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच लगभग 20 ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 49.43 लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में 15 प्रतिशत कमीशन और 18 प्रतिशत जीएसटी के नाम पर भी अतिरिक्त रकम जमा कराई गई। जब उन्होंने अपना निवेश वापस मांगा तो आरोपियों ने ऑडिट और एप अपडेट होने का बहाना बनाकर भुगतान टालना शुरू कर दिया। जांच के दौरान साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग विवरणों के आधार पर कार्रवाई कर 31 लाख रुपये होल्ड कराए। 

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ऐसे ठगी करता था आरोपी 
इसके बाद मुख्य आरोपी सचिन कुमार को देहरादून के सहस्त्रधारा रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने खुलासा किया कि उसने एसएमसी ब्रोकिंग और स्टार्ट इन्वेस्टमेंट के नाम से फर्जी ट्रेडिंग एप और वेबसाइट तैयार कर रखी थीं। लोगों से निवेश के नाम पर धनराशि लेने के बाद वह रकम को विभिन्न ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में बदल देता था। इसके बाद ट्रस्ट वॉलेट में यूएसडीटी के रूप में राशि रखकर हवाला नेटवर्क के माध्यम से नकदी प्राप्त करता था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बैंक खातों से जुड़े आधार कार्ड में पता बदलवाकर उनका उपयोग करता था ताकि पुलिस की पहुंच से बच सके। उसके खिलाफ तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने आरोपी के पास से आठ डेबिट कार्ड, आठ चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल फोन, जियो राउटर, पासबुक, मोहरें, विभिन्न दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया है। 

मामले में पहले से दर्ज धाराओं के साथ अन्य संबंधित धाराओं की भी बढ़ोतरी की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक गुरमीत तोमर, सौरव तोमर, कपिल राघव समेत साइबर क्राइम थाना टीम के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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