ऐसे ठगी करता था आरोपी
इसके बाद मुख्य आरोपी सचिन कुमार को देहरादून के सहस्त्रधारा रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने खुलासा किया कि उसने एसएमसी ब्रोकिंग और स्टार्ट इन्वेस्टमेंट के नाम से फर्जी ट्रेडिंग एप और वेबसाइट तैयार कर रखी थीं। लोगों से निवेश के नाम पर धनराशि लेने के बाद वह रकम को विभिन्न ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में बदल देता था। इसके बाद ट्रस्ट वॉलेट में यूएसडीटी के रूप में राशि रखकर हवाला नेटवर्क के माध्यम से नकदी प्राप्त करता था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बैंक खातों से जुड़े आधार कार्ड में पता बदलवाकर उनका उपयोग करता था ताकि पुलिस की पहुंच से बच सके। उसके खिलाफ तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने आरोपी के पास से आठ डेबिट कार्ड, आठ चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल फोन, जियो राउटर, पासबुक, मोहरें, विभिन्न दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया है।
मामले में पहले से दर्ज धाराओं के साथ अन्य संबंधित धाराओं की भी बढ़ोतरी की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक गुरमीत तोमर, सौरव तोमर, कपिल राघव समेत साइबर क्राइम थाना टीम के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।