रिदम लिप रीडिंग तकनीक के सहारे लोगों की बात समझ लेती है। उसने 12 साल की उम्र में ही एथलेटिक्स में अपना भविष्य बनाने का फैसला कर लिया था। मूक-बधिर होने के कारण कोच प्रशिक्षण देने से पीछे हटे तो उन्होंने रेलवे स्टेडियम के कोच अजय कश्यप से संपर्क किया। कोच अजय ने प्रशिक्षण में मदद की और बेटी ने सफलता का शिखर छू लिया।
पैरा एथलीट रिदम शर्मा को किया गया पुरस्कृत
डीएम रविंद्र कुमार ने शुक्रवार को मिशन शक्ति फेज-5 के तहत आयोजित हक की बात, जिलाधिकारी के साथ और वीरांगना सम्मान समारोह में कई खिलाड़ियों, बालिकाओं व महिलाओं को पुरस्कृत किया। रिदम के मलयेशिया में होने की वजह से 20 हजार रुपये की धनराशि और प्रशस्तिपत्र उनके प्रतिनिधि को दिया गया।
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शतरंज की राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल पाने वाली प्रियांशी को भी पुरस्कृत किया गया। कक्षा-12 में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए रिया गंगवार को सम्मान मिला। 10 अन्य महिलाओं और बालिकाओं को भी पुरस्कृत किया गया। आयोजन में शामिल मैथोडिस्ट इंटर कॉलेज की बालिकाओं ने डीएम से आईएएस बनने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। डीएम ने बालिकाओं से मिलीं शिकायतों को निस्तारित करने के निर्देश दिए।