हादसे की सूचना पर एडीएम सिटी डॉ. रामदुलारे पांडेय, सीओ आशीष प्रताप सिंह समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम ने भी जांच-पड़ताल की। दोपहर करीब 12 बजे मृतकों के परिवार और गांव के काफी लोग भी रिफाइनरी पहुंच गए, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।
इन लोगों ने गेट पर ही बैठकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। शाम करीब पांच बजे बीएल एग्रो प्रबंधन का मजदूरों के परिवारों से समझौता होने के बाद धरना खत्म कर दिया गया। पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतकों के शव उनके परिवारों के सुपुर्द कर दिए गए।
घटना की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। मजिस्ट्रेट से जांच कराने की भी संस्तुति की गई है। फोरेंसिक टीम से जांच कराई गई है। अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रामदुलारे पांडेय, एडीएम सिटी
मृतकों के प्रति हमारी संवेदना है। उनके परिवार वालों की हर संभव मदद की जाएगी। भर्ती कर्मचारियों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है। जांच के लिए दो टीमें गठित कर दी गई हैं। ईटीपी (एफ्फ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) मैनेजर को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है।
- घनश्याम खंडेलवाल, चेयरमैन, बीएल एग्रो