कोर्ट में लिया था मेयर का नाम
वर्ष 2022 में इस महिला ने कोतवाली में अज्ञात कार सवार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को भी उसने अज्ञात लोगों द्वारा घटना करने का बयान दिया। पुलिस जब उसको 164 के बयान दर्ज कराने कोर्ट ले गई तो वहां उसने महापैर उमेश गौतम का नाम लेकर चौंका दिया। महिला ने बताया कि वह मेयर कार्यालय में काम करती थी। जब रामपुर गार्डन दवा लेने जा रही थी, तभी महापौर, उनके ड्राइवर व एक अन्य जिसे यह लोग जज कहकर संबोधित कर रहे थे, इन लोगों ने उसे चलती कार में खींच लिया और दुष्कर्म किया।
पुलिस ने जब सीसीटीवी खंगाले और महिला के विरोधाभासी बयान की पड़ताल की तो उस वक्त कहानी झूठी निकली थी। इसके बाद महिला भी नाटकीय घटनाक्रम के तहत कोतवाली पहुंची थी और मेयर के खिलाफ लगाए आरोप को वापस ले लिया था। उसका कहना था कि किसी के बहकावे में उसने ऐसा कर दिया था। उस समय पुलिस ने महिला के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने की रिपोर्ट कोर्ट में भेजी थी, हालांकि महिला जेल जाने से बच गई।