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UP: मां-बाप और भाई ने पकड़े पैर, ज्योति ने पति को मार डाला; मात्र इतने रुपये के लिए कत्ल; IVRI कर्मी हत्याकांड

Sun, 01 Feb 2026 11:24 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली के कैलाशपुरम में हुए आईवीआरआई कर्मी जितेंद्र यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में पत्नी और सास-ससुर को गिरफ्तार किया है। बीस हजार रुपयों के लिए ज्योति ने पति का गला दबाया था। मां-बाप और भाई ने आईवीआरआई कर्मी के पैर पकड़े थे।
 
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Bareilly murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बरेली के कैलाशपुरम में हुए जितेंद्र यादव हत्याकांड का इज्जतनगर पुलिस ने पत्नी और सास-ससुर को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया। पत्नी ज्योति ने ही महज 20 हजार रुपयों की खातिर गला दबाकर जितेंद्र को मारा था। 
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ज्योति के भाई दीपक, मां चमेली और पिता कालीचरन ने जितेंद्र के हाथ पैर पकड़े थे। चारों ने घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए जितेंद्र के शव को मफलर के सहारे रोशनदान से लटका दिया था। ज्योति, चमेली देवी और कालीचरन को जेल भेज दिया गया।

इटावा के थाना ऊसराहार भाऊपुरा निवासी जितेंद्र यादव इज्जतनगर की कैलाशपुरम कॉलोनी में पत्नी ज्योति के साथ किराये पर रहते थे। जितेंद्र आईवीआरआई में संविदाकर्मी थे, जबकि पत्नी ज्योति भी रोडवेज में संविदाकर्मी है। 26 जनवरी को जितेंद्र का शव रोशनदान से लटका मिला था। 
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जितेंद्र के भाई अजय कुमार ने भाभी ज्योति, उसकी मां चमेली, पिता कालीचरन और भाई दीपक पर भाई को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाकर तहरीर दी थी। चारों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया था।

 

पोस्टमॉर्टम में हत्या की बात आई सामने
पोस्टमॉर्टम में जितेंद्र का गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई। इज्जतनगर पुलिस ने मामला हत्या की धाराओं में बदला और खुलासे में जुट गई। अजय ने सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव को बताया कि पत्नी ज्योति और परिजनों ने जितेंद्र को प्रेमजाल में फंसाकर उस पर जमीन बेचकर मकान और कार खरीदने का दबाव बनाया था। जब कामयाब नहीं हुए तो आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। पुलिस ज्योति के भाई दीपक की तलाश में छापेमारी कर रही है।

ऑनलाइन जुए में हार गया था रुपये
पुलिस को पूछताछ में पता लगा कि महज 20 हजार रुपये की खातिर ज्योति और उसके परिजनों ने जितेंद्र की जान ले ली। ज्योति ने बताया कि वह जितेंद्र के साथ पढ़ाई करती थी। दोनों के बीच काफी समय तक प्रेम प्रसंग चला। इस दौरान जितेंद्र की आईवीआरआई में नौकरी लग गई, जबकि ज्योति की रोडवेज में नौकरी लग गई। 

 

दो महीने पहले ही दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। दोनों कैलाशपुरम में किराये पर कमरा लेकर रहने लगे। ज्योति के मुताबिक, जितेंद्र ने उसके 20 हजार रुपये ऑनलाइन जुए में गंवा दिए। इसके बाद ज्योति और जितेंद्र के बीच झगड़ा हो गया। ज्योति ने झगड़े की सूचना माता-पिता और भाई को दी। इस पर तीनों ज्योति के कमरे पर पहुंच गए।
 

हत्या के बाद घबराए, आत्महत्या की बनाई कहानी
सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि हाथापाई के बीच ज्योति के पिता-मां और भाई ने जितेंद्र के हाथ-पैर पकड़ लिए। ज्योति ने पूरी ताकत से जितेंद्र का गला दबा दिया। कुछ ही देर में जितेंद्र की सांसें थम गईं। 
 
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इससे हत्यारोपी घबरा गए। तब चारों ने मिलकर जितेंद्र का शव मफलर के जरिये रोशनदान से लटका दिया। इन लोगों ने मिलकर जितेंद्र द्वारा आत्महत्या करने का शोर मचा दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इनकी करतूत से पर्दा उठा दिया। सीओ ने बताया कि ज्योति के मोबाइल फोन से भी पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।

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