इसके बाद अमित ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे विपिन को मिलने के लिए मनौना के पास मकबरे पर बुलाया था। वे दोनों बाइक से मकबरे पर पहुंचे तो अमित वहां मौजूद था। बातचीत के बाद घर से दस्तावेज लेने के बहाने वह उन दोनों के साथ बाइक पर बैठ गया।
कुछ दूर बाद ही अमित ने यह कहकर बाइक से उतार दिया कि वह मकबरे पर ही उन्हें मिले, वे लोग थोड़ी देर में आ रहे हैं। काफी देर तक वे दोनों नहीं लौटे तो वह घर चला गया। पुलिस ने इसके बाद अमित को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने विपिन की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
हत्यारोपी बोला - एक दिन में 15-15 बार करता था फोन, मना करने पर भी नहीं माना
पुलिस ने अमित को हिरासत में लिया तो पहले उसने गुमराह करने की कोशिश की। सख्ती करने पर उसने बताया कि विपिन करीब एक सप्ताह से उसे कंपनी में निवेश करने के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहा था। वह दिन में उसे 15-15 बार फोन करता था। उसने कई बार फोन करने को मना भी किया फिर भी वह नहीं माना। वह तनाव में आ गया।
मंगलवार को जब विपिन ने फोन किया तो उसने उसकी हत्या का फैसला कर लिया। उसके साथ बाइक पर बैठकर वह गांव जाने के बाद मनौना के आगे जंगल की ओर ले गया। रास्ते में बाइक पर बैठे-बैठे ही उसने अपनी बेल्ट निकाली और विपिन का गला घोंट दिया। मौत के बाद उसने विपिन का शव खींचकर गेहूं के खेत में डाल दिया और उसकी बाइक लेकर भाग निकला। एक किलोमीटर बाद ही बाइक में पेट्रोल खत्म हो गया तो उसे वहीं छोड़कर अपने घर लौट गया।
पुलिस ने अमित की निशानदेही पर विपिन का शव और उसकी बाइक बरामद कर ली। सीओ आंवला चमन सिंह चावड़ा के मुताबिक अपहरण के मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाई जा रही है। इस पूरे मामले में नेटवर्किंग कंपनी की भी भूमिका सामने आई है। कंपनी के अफसरों का विपिन पर इतना दबाव था कि अमित के मना करने पर भी वह उसे बार-बार फोन कर रहा था। इसलिए कंपनी की भूमिका की भी जांच की जाएगी और उसके दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा।
स्मार्ट वैल्यू कंपनी में निवेश का दबाव डालने पर विपिन का अमित से झगड़ा हुआ था। इसी कारण अमित ने विपिन की हत्या कर दी। उसकी निशानदेही पर विपिन का शव बरामद कर लिया गया है।- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी