छह बार वैश्य प्रत्याशियों ने दर्ज की जीत
बरेली लोकसभा सीट पर एक उप चुनाव समेत 18 लोकसभा चुनावों में वैश्य वर्ग के उम्मीदवारों ने छह बार जीत दर्ज की। इस वर्ग से तीन बार सतीश चंद्रा, एक-एक बार बीबी लाल, राममूर्ति और प्रवीण सिंह ऐरन जीते।
एक बार क्षत्रिय प्रत्याशी के रूप में आछू बाबू जीते
इस सीट पर सिर्फ एक बार क्षत्रिय प्रत्याशी को जीत नसीब हुई। वर्ष 1962 में सवर्ण प्रत्याशी के रूप में ब्रजराज सिंह उर्फ आछू बाबू ने वैश्य वर्ग के सतीश चंद्रा को हराकर संसद की दहलीज पर कदम रखा था। वर्ष 1967 के आम चुनाव में जनसंघ से उनको टिकट नहीं मिल सका। पार्टी ने उनकी जगह वैश्य वर्ग के बीबी लाल को मैदान में उतारा। वह भी जीत दर्ज करने में कामयाब रहे थे।
वर्ष 1957 तक जिले में थी एक ही संसदीय सीट
वर्ष 1957 तक जिले में एक ही संसदीय सीट बरेली हुआ करती थी। वर्ष 1962 के चुनाव से पहले हुए परिसीमन में आंवला लोकसभा क्षेत्र का गठन किया गया। बरेली के तीन विधानसभा क्षेत्रों (बिथरी, आंवला व फरीदपुर) और बदायूं के दो विधानसभा क्षेत्रों (शेखूपुर व दातागंज) को इसमें शामिल किया गया। इस तरह बरेली संसदीय सीट के दायरे में सिर्फ शहर, कैंट, मीरगंज, नवाबगंज और भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र ही रह गए।