बरेली। जिले में दिमागी बुखार की दस्तक हो गई है। जिला अस्पताल में भर्ती चार मरीजों में इसके लक्षण पाए गए हैं। एक अन्य मरीज को भी गंभीर बुखार की वजह से भर्ती कराया गया है। रविवार को सीएमओ ने जिला अस्पताल का दौरा कर बीमार लोगाें से बातचीत की। रामगंगा नगर कालोनी में रहने वाली ढाई वर्षीय आफरीन को बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया है। आफरीन की मां ने बताया कि 15 दिन से उसे बुखार आ रहा है। डॉक्टरों ने दिमागी बुखार की पुष्टि की है और लखनऊ के लिए रेफर किया है। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती बदायूं की 14 वर्षीय सुनीता को भी दिमागी बुखार बताया गया है। सुनीता 20 दिन से बीमार है। दातागंज बदायूं के पांच वर्षीय प्रमोद को 14 जुलाई में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा मढ़ीनाथ की आठ वर्षीय महक को दोपहर एक बजे भर्ती कराया गया। शाम छह बजे गंभीर हालत में परिवार वाले खुद ले गए। इमरजेंसी के ऊपर मेडिकल वार्ड में भर्ती नवाबगंज अहमदाबाद की 14 वर्षीय राजनंदिनी भी बुखार से पीड़ित हैं। इसकी भी जांच कराई गई है।
सभी वार्डों में भर्ती हो रहे मरीज
इस समय बुखार के कई मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। रविवार को भी इमरजेंसी वार्ड में तीन मरीज बुखार से पीड़ित भर्ती किये गये। मेल और फिमेल मेडिकल वार्ड में भी बुखार के मरीज हैं। बच्चा वार्ड में 27 मरीज भर्ती हैं। इनमें 8 मरीज डायरिया के हैं, जबकि तीन मरीज बुखार से पीड़ित हैं। सीएमओ डॉ. विजय यादव ने सभी वार्ड में जाकर मरीजाें की स्थिति जानी और दवाओं का जायजा लिया।
बचकर रहें बुखार से
फिजीशियन डॉ. सुदीप सरन कहते हैं कि दिमागी बुखार के कारण होते हैं। लेकिन दो बुखार सबसे ज्यादा प्रचलित हैं। इनमें मेनिनजाइटिस (दिमाग की झिल्ली में सूजन) और इंसेफेलाइटिस (दिमाग में सूजन) शामिल हैं। इनकी जांच तभी होगी जब रीढ़ की हड्डी की पानी की जांच कराई जाए। डॉ. सरन कहते हैं कि इस बुखार में कई लक्षण होते हैं जिसे देखकर इसकी पहचान हो सकती है। बचाव वैसे ही करें जैसे सामान्य बुखार से बचने को करते हैं।
तेज बुखार, सिर दर्द, शरीर में अकड़न, बहकना, उत्तेजित होना, उल्टी सीधी हरकत करना और बेहोश होना
बुखार से बचें
हो सके तो बारिश से बचे
पानी का कूलर बिल्कुल न चलाएं
बच्चों को मच्छर से बचाएं, मच्छरदानी प्रयोग करें
घर के आसपास सफाई रखें
गंदे पानी में न जाएं
बुखार होने पर पैरासिटामाल लें