तीन दिन तक लगातार बारिश के कारण बरेली की तीन प्रमुख नदियां उफान पर हैं। राम गंगा में तो क्यारा गांव के मजरा जल्लापुर रामदयाल का एक युवक पानी की तेज धार में बह गया। उसे डूबते देख कुछ ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। कुछ देर बाद युवक का शव बरामद कर लिया गया। बहेड़ी में किच्छा और नवाबगंज की कैलाश नदी उफान पर है।
कैंट के क्यारा ग्राम पंचायत के मजरा जल्लापुर रामदयाल से सटा हुआ पश्चिमी में करीब एक किलोमीटर लंबा झीलनु मा नाला है। उफान होने पर रामगंगा का पानी इस नाले में होकर आगे जाता है। रविवार सुबह मजरा जल्लापुर रामदयाल निवासी 28 वर्षीय गंगाराम नाला पार पशुओं को चराने गए थे। शाम करीब पांच बजे वह पशुओं को लेकर घर लौट रहा था। रामगंगा में उफान आने के कारण पानी मजरा जल्लापुर रामदयाल किनारे वाले नाले में जा रहा था, जिसका गंगाराम ने ध्यान नहीं दिया। वह नाला पार करते समय पानी की तेज धार के साथ बह गया। उसे डूबते देखकर पशुओं को चराने गए और लोग नाले में कूद गए। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद गंगाराम को बाहर निकल लिया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसका पता लगने पर घर वाले रोते बिलखते मौके पर पहुंच गए। फिर तो मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पूर्व प्रधान सर्वेश्वर सिंह पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर गए।
राम गंगा में 163 मीटर से अधिक जल स्तर हो गया है, जबकि खतरे का निशान 163 मीटर है। अधिक जल होने के कारण आसपास के गैर आबादी के गांवों में पानी भर गया है। तहसीलदार सदर ने आसपास के आधा दर्जन गांवों को अलर्ट कर दिया है। नाव की व्यवस्था कर दी गई है।