बरेली के रामपुर गार्डेन क्षेत्र से गुजरते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
प्रभा टाकीज रोड को छोड़ बाकी प्रवेश द्वारों पर बैरियर लगाए पर सख्ती नहीं
बरेली। एक निजी अस्पताल में मिली कोरोना पॉजिटिव महिला के मामले में रामपुर गार्डन को हॉटस्पॉट घोषित नहीं किया गया है। बजाय इसके महिला के घर फरीदपुर इलाके को हॉटस्पॉट बनाया गया है। रामपुर गार्डन में केवल अस्पताल और लैब की गली के बाहर ही पुलिसकर्मी बैठाए गए हैं। अमर उजाला टीम ने हाल देखा तो यहां मंगलवार को केवल वही लोग आ जा रहे थे जिनके परिजन अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि पुलिस ने प्रभा टाकीज वाले रास्ते को छोड़कर बाकी इलाके में बांस-बल्ली लगवा उन्हें बंद करा दिया है। अधिकांश अस्पतालों में काफी समय से मरीज नहीं हैं, जहां मरीज थे उन्हें शिफ्ट करने की बात बताई जा रही है।
रास्तों पर बल्लियां तो लगाईं पर रोकटोक नहीं
प्रभा टाकीज के अलावा रामपुर गार्डन को जाने वाले रास्तों पर बल्लियां लगा दी गई हैं। हालांकि इनमें बाइक व साइकिल जाने लायक जगह छोड़ी गई है। ऐसे में यहां के अस्पतालों में भर्ती मरीज, उनके तीमारदार व आसपास के लोग आ जा रहे हैं।
अस्पताल की गली पर पहरा, स्टाफ क्वारंटीन
संबंधित अस्पताल व लैब को संबंधित प्रबंधन ने खुद ही बंद कर लिया है। यहां कोई मरीज नहीं बताया जा रहा। वहीं स्टाफ के करीब बीस लोग अंदर ही क्वारंटीन बताए जा रहे हैं। गली के बाहर बैठे पुलिसकर्मी आने जाने वालों से पूछताछ कर रहे हैं, किसी तरह की कोई सख्ती नहीं है।
पॉश इलाके वाले खुद समझदार, घरों में हुए कैद
रामपुर गार्डन शहर के पॉश इलाकों में शुमार है। यहां के लोग खुद ही इतने समझदार हैं कि उन्होंने फिजूल में बाहर निकलना बंद कर दिया है। सड़कों पर आवाजाही करने वालों में यहां के अस्पतालों व संस्थानों के कर्मचारी या मरीजों के तीमारदार ही हैं। यहां रहने वाले होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. वीएम पाठक का कहना था कि सख्ती न भी हो तो लोगों को अपने घर में ही रहना चाहिए। कोरोना से निपटने का यही एक रास्ता है। वह खुद जिला पंचायत गेट के पास स्थित अपने क्लीनिक पर नहीं गए हैं।