महिला को ढाढ़स बंधातीं सपा नेता
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वीडियो बनाने की कोशिश में मोबाइल छीना
एक महिला नूर अपने मोबाइल से थाने के अंदर बातचीत का वीडियो बनाने लगी तो मोबाइल पुलिस ने छीन लिया। इस पर महिला रोने लगी। सपा नेता की पुलिस से हल्की-फुल्की झड़प हो गई। तब पुलिस ने मीडियाकर्मियों को भी थाने से बाहर कर दिया। सपा नेताओं की भीड़ बढ़ती देख थाना प्रभारी अमित कुमार ने अधिकारियों को सूचना दी।
तब एसएसपी अनुराग आर्य ने वहां सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव को भेज दिया। सिटी मजिस्ट्रेट भी शहर से पहुंच गए। तब सीओ प्रथम ने इन्हें समझाने की कोशिश की। पुलिस की एक टीम ने गांव जाकर हालात का जायजा लिया और दूसरे पक्ष से बात की। हालांकि शाम की वजह से कुछ नहीं हो सका। फिर इन लोगों को वापस भेज दिया गया।
गौसगंज के बाहर जुटे सपा नेता
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साढ़े छह महीने हो गए, इनका क्या कसूर
अधिकारियों से बातचीत के दौरान सपा नेता शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि छह महीने 18 दिन हो गए। करीब 33 परिवार के पुरुष सदस्य जेल में हैं। महिलाएं व बच्चे रिश्तेदारी में भटक रहे हैं। गांव में दो पक्षों का झगड़ा हुआ जिसमें एक पक्ष के युवक की मौत हो गई। अब बाकी के परिवारों का क्या कसूर है, इन्हें इनके घर पर रहने देना चाहिए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह प्रदेश का पहला मामला है जहां पूरा परिवार ही सजा भुगत रहा है। सपा नेताओं में कोषाध्यक्ष अशोक कुमार यादव, सपा महिला सभा जिलाध्यक्ष स्मिता यादव, जिला उपाध्यक्ष राजेश्वरी यादव, जिला महासचिव डॉ. दीक्षा सक्सेना शामिल रहे।
आज होगी बसाने की पहल
सीओ पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि पांच परिवारों को पहले बसाया जा चुका है। बाकी लोगों को भी बसाया जाएगा। इसके लिए सकारात्मक माहौल बनाया गया है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के साथ गांव का दौरा किया है, फिलहाल सब ठीक है।