तीसरा शव अनूप का बताया
रात करीब पौन बजे उसी चार मीटर के दायरे में तीसरा क्षत-विक्षत शव मिला, जहां राकेश और अरविंद के शव मिले थे। रात में ही पुलिस ने ग्रामीणों से बात करके उसकी पहचान का प्रयास किया। इसी बीच फरीदपुर के मोहल्ला फर्रखपुर के लोग पहुंचे। उन्होंने बताया कि 25 वर्षीय अनूप पुत्र ओमेंद्र लापता है। वह भी फैक्टरी में उसी जगह काम करता था, जिस दिशा में बाकी शव मिले हैं। माना जा रहा है कि तीसरा शव उसी का है।
रात पौने दो बजे रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया था। गुरुवार सुबह सात बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा से शुरू किया गया। नायब तहसीलदार दिव्यांशी सिंह की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चला। लोहे की चादरों को गैस कटर से काटकर हटाया गया। फरीदपुर के मोहल्ला परा निवासी अखिलेश शुक्ला भी इसी फैक्टरी में काम करता था। वह अभी लापता है। चौथा शव उसका बताया जा रहा है।
इसी फैक्टरी में जिंदा जला था बिजनेस मैनेजमेंट का छात्र
अशोका फोम फैक्टरी में पहले भी अग्निकांड की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। बिजनेस मैनेजमेंट का एक छात्र भी इसी फैक्टरी में लगी आग में जिंदा जल गया था। तब भी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हुए थे।
फरीदपुर क्षेत्र के सुकटिया सिंगावारी निवासी धर्मेंद्र यादव लोटस कॉलेज में बीबीए का छात्र था। किसान परिवार का धर्मेंद्र पढ़ाई का खर्च निकालने को फैक्टरी में काम भी करने लगा। 30 अप्रैल 2016 की शाम को फैक्टरी में लगी आग में धर्मेंद्र गंभीर रूप से झुलस गया था। इसके बाद उसे साथियों ने शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसने दम तोड़ दिया। दूसरी बड़ी घटना सितंबर 2019 में हुई। इस अग्निकांड में भी कर्मचारी झुलसे थे और काफी नुकसान हुआ था।