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चार लोग जिंदा जले: फोम फैक्टरी अग्निकांड में किसी ने बेटा खोया, किसी ने पति, किसी का पालनहार; सदमे में परिवार

Thu, 11 May 2023 05:36 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

अशोका फोम फैक्टरी में बुधवार शाम लगी भीषण आग में चार परिवारों की खुशियां भी जलकर राख हो गईं। किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने पति। किसी ने पालनहार। पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 
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अरविंद के पिता को ढांढस बंधाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के फरीदपुर में हाईवे किनारे स्थित अशोका फोम फैक्टरी में बुधवार शाम लगी भीषण आग में चार परिवारों की खुशियां भी जलकर राख हो गईं। किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने पति। किसी ने पालनहार। देर रात तक चार लोगों के शव मलबे से निकाले गए। शव पूरी तरह चल चुके थे। फैक्टरी में काम करने वाले राकेश, अरविंद, अनूप और अखिलेश लापता हैं। इन्हीं चारों के ये शव बताए गए।   

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फैक्टरी में लगी आग में हरहरपुर गांव निवासी अरविंद मिश्रा की भी जिंदा जलकर मौत हो गई। एक वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी। अरविंद की पत्नी गर्भवती है। अरविंद के पिता ओमप्रकाश मिश्रा बेटे का शव देखकर अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। लोगों ने उनके चेहरे पर पानी छिड़का तो होश में आए। उनका कहना था कि फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही से बेटे की जान गई है। 

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गांव सरकड़ा निवासी राकेश कुमार (34) की फैक्टरी के अंदर ही जलकर मौत हो गई। उसका शव जली अवस्था में कटर से लोहे की चादर काटकर निकाला गया। राकेश की पत्नी शारदा का बुरा हाल था। राकेश के दो बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़ा बेटा छह वर्ष का और छोटी बेटी है। वह घर का अकेला कमाने वाला शख्स था। फैक्टरी में मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता था।

तीसरा शव अनूप का बताया

रात करीब पौन बजे उसी चार मीटर के दायरे में तीसरा क्षत-विक्षत शव मिला, जहां राकेश और अरविंद के शव मिले थे। रात में ही पुलिस ने ग्रामीणों से बात करके उसकी पहचान का प्रयास किया। इसी बीच फरीदपुर के मोहल्ला फर्रखपुर के लोग पहुंचे। उन्होंने बताया कि 25 वर्षीय अनूप पुत्र ओमेंद्र लापता है। वह भी फैक्टरी में उसी जगह काम करता था, जिस दिशा में बाकी शव मिले हैं। माना जा रहा है कि तीसरा शव उसी का है। 

रात पौने दो बजे रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया था। गुरुवार सुबह सात बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा से शुरू किया गया। नायब तहसीलदार दिव्यांशी सिंह की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चला। लोहे की चादरों को गैस कटर से काटकर हटाया गया। फरीदपुर के मोहल्ला परा निवासी अखिलेश शुक्ला भी इसी फैक्टरी में काम करता था। वह अभी लापता है। चौथा शव उसका बताया जा रहा है। 
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इसी फैक्टरी में जिंदा जला था बिजनेस मैनेजमेंट का छात्र 

अशोका फोम फैक्टरी में पहले भी अग्निकांड की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। बिजनेस मैनेजमेंट का एक छात्र भी इसी फैक्टरी में लगी आग में जिंदा जल गया था। तब भी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हुए थे।

फरीदपुर क्षेत्र के सुकटिया सिंगावारी निवासी धर्मेंद्र यादव लोटस कॉलेज में बीबीए का छात्र था। किसान परिवार का धर्मेंद्र पढ़ाई का खर्च निकालने को फैक्टरी में काम भी करने लगा। 30 अप्रैल 2016 की शाम को फैक्टरी में लगी आग में धर्मेंद्र गंभीर रूप से झुलस गया था। इसके बाद उसे साथियों ने शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसने दम तोड़ दिया। दूसरी बड़ी घटना सितंबर 2019 में हुई। इस अग्निकांड में भी कर्मचारी झुलसे थे और काफी नुकसान हुआ था। 
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