बरेली में फायरिंग की घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें बदमाश फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। कार से टक्कर मारने का वीडियो भी वायरल हो रहा है। देशभर के लोगों ने सोशल मीडिया के जरिये प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय सहित डीजीपी ने घटना का संज्ञान लेकर स्थानीय अफसरों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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सोशल मीडिया पर वीडियो छाने के बाद विपक्षी दलों ने भी घटना को लेकर योगी सरकार की आलोचना की है। मनोज गंगवार ने फेसबुक पर लिखा कि यह मिर्जापुर 3 की शूटिंग नहीं है, बल्कि बरेली में असली गैंगवार चल रही है। अंधाधुंध गोलियां बरस रही हैं।
कानून व्यवस्था का प्रचार हो रहा है। समाजवाद एक सोच पेज पर पोस्ट में कहा गया है कि प्रदेश का कबाड़ा कर दिया गया है। यूपी में गुंडाराज है। वहीं, एक शख्स ने पोस्ट डालकर लिखा है कि मुंबइया रोड स्टाइल गैंगवार की सभी बरेली वासियों को बहुत बहुत बधाई। कई लोगों ने फायरिंग और अराजकता के वीडियो डालकर लिखा है कि यह भारत-पाकिस्तान का बाॅर्डर नहीं है। कब्जे को लेकर दिनदहाड़े फायरिंग हो रही है।
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दरअसल, इज्जतनगर थाना क्षेत्र में पीलीभीत बाईपास पर प्लॉट पर कब्जे को लेकर बवाल हुआ था। शनिवार सुबह छह बजे दबंगों ने अंधाधुंध फायरिंग की। दो बुलडोजरों को आग लगा दी गई। एक घंटे तक सड़क पर बवाल होता रहा। इसमें 50 राउंड फायरिंग की गई। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमे आरोपी फिल्मी स्टाइल में फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। शहर में पूरे दिन इस घटना को लेकर चर्चा होती रही।
दोनों गुटों पर गैंगस्टर और रासुका के तहत होगी कार्रवाई
जिस तरह से यह बवाल हुआ, उससे लगता है कि दोनों पक्षों में पुलिस का कोई खौफ नहीं था। फायरिंग करते हुए दबंगों के वीडियो वायरल हुए तो हर कोई कानून व्यवस्था और पुलिसिंग पर सवाल खड़े करने लगा। एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह, दरोगा राजीव प्रकाश व बीट आरक्षी सन्नी कुमार, विनोद कुमार, राजकुमार व अजय तोमर को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि बताया कि घटना दुस्साहसिक है। इससे आम लोगों का जीवन भी खतरे में पड़ सकता था। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर और रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
यह थी घटना
इज्जतनगर क्षेत्र में पीलीभीत बाईपास रोड पर बजरंग ढाबा के पास गांव लालपुर निवासी आदित्य उपाध्याय की मार्बल की दुकान है। इज्जतनगर थाने के दरोगा राजीव प्रकाश की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार सुबह छह बजे वह गश्ती टीम के साथ वहां से गुजरे। उस समय प्रॉपर्टी डीलर राजीव राणा व उसके पक्ष के 25 लोग जेसीबी से तोड़फोड़ कर कब्जा हटा रहे थे। तभी आदित्य उपाध्याय अपने बेटों के साथ दुकान पर पहुंचे और उनका विरोध करने लगे।
दोनों पक्ष एक-दूसरे से झगड़ा व मारपीट करने लगे। देखते ही देखते बवाल हो गया। आदित्य पक्ष ने राजीव गुट की ओर से लाई गईं दो जेसीबी पर तेल डालकर आग लगा दी। पुलिस ने बवाल रोकने की कोशिश की पर सफल न हो सकी।
थोड़ी देर में दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग शुरू हो गई। तब राजीव पक्ष के लोग भागने लगे। आदित्य पक्ष ने अपनी कार से उन्हें दौड़ाया। कार की टक्कर से राजीव गुट के संजय और रोहित घायल हो गए। फायरिंग, तोड़फोड़ और आगजनी से दहशत फैल गई थी।