बरेली के फरीदपुर कस्बे के मोहल्ला फर्रखपुर में आग से पांच लोगों की मौत के मामले में घर में तलाशी के दौरान पुलिस को परिवार के मुखिया अजय का मोबाइल फोन जली हालत में मिला। वहीं, उनकी पत्नी अनीता का मोबाइल फोन अभी तक नहीं मिल सका है। दोनों नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया है। इससे अहम राज खुलने की उम्मीद है।
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एसपी देहात ने पुलिस टीमों को गली-मोहल्ले के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने का निर्देश दिया है। इससे परिचित या अपरिचित लोगों की रात के वक्त आवाजाही को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी।
उस वक्त घर के नजदीक पाए जाने वाले मोबाइल नंबरों का भी परीक्षण किया जाएगा। मलबे में अजय का मोबाइल फोन मिल गया है। परिजनों का दावा है कि अनीता के पास भी मोबाइल फोन था। अब इनमें से किसी नंबर पर कॉल नहीं जा रही है।
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परिजनों को शक है कि हत्यारोपी मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए होंगे, जबकि पुलिस मान रही है कि दूसरा मोबाइल फोन आग में नष्ट हो गया होगा। हालांकि, एसएसपी ने रविवार को ही दोनों नंबरों को सर्विलांस पर लगवा दिया था।
पांच लाख मुआवजा देने की प्रक्रिया थमी
डीएम रविंद्र कुमार ने रविवार को परिवार से मिलकर हादसे पर संवेदना व्यक्त कर सीएम की ओर से पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा का जिक्र किया था। उन्होंने एडीएम व एसडीएम को कागजी कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। अब मामले में हत्या की रिपोर्ट होने से प्रक्रिया अधर में अटक गई है। अधिकारियों के मुताबिक हत्या की स्थिति में मुआवजा नहीं मिल सकता। पुलिस की विवेचना में हादसे की पुष्टि हुई तो यह प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
पांच मौतों के बाद मकान में जाने से डरे लोग
पांच मौतों के बाद मोहल्ले के लोग उस मकान में जाने से डरने लगे हैं। जले हुए शव देखने के बाद लोगों का दिल दहल गया। चेन में ताला लगाकर पुलिस ने चाबी अपने पास रख ली है।
अजय ने नए मकान का दिया था बयाना, कराना था बैनामा
मोहल्ले में ही अजय ने एक मकान खरीदने के लिए बयाना दिया था। मकान का बैनामा कराने के लिए शुभ मुहूर्त न होने से अजय ने एक माह बाद बैनामा कराने के लिए कहा था। अगले माह अजय नया मकान खरीदने के लिए बैनामा कराने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पूरे परिवार की जलकर मौत हो गई।
पत्नी और ससुरालवालों में थी अनबन
अजय गुप्ता के माता-पिता व उसकी पत्नी के बीच में अनबन की चर्चा भी सामने आई है। इस वजह से पास में ही रहने वाले अजय के पिता व मां उनके घर पर बहुत कम जाते थे। यही वजह रही जो अंतिम संस्कार से दौरान अजय के ससुरालवालों ने उनके पिता व भाई पर निशाना साधकर साजिश के आरोप लगा दिए।
पिता सुरेश बाबू ने बताया कि वह व उनकी पत्नी त्योहारों पर ही अजय के घर आया-जाया करते थे, या किसी परेशानी में अजय की मां वहां चली जाती थीं। अजय के बच्चे अपनी दादी-दादा के पास जाकर खेलते रहते थे। वे दोनों अजय के बच्चों का ध्यान भी रखते थे।
परिजनों से कल भी तहरीर मांगी गई थी। अजय के पिता की ओर से सोमवार को दी गई तहरीर के मुताबिक हत्या की रिपोर्ट लिख ली गई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर विवेचना करेगी। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी देहात