डॉक्टर ने दी यह सफाई
दीपमाला अस्पताल के डॉक्टर सोमेश मेहरोत्रा का कहना है कि आयुष्मान योजना सरकार की जन कल्याणकारी योजना है, लेकिन इसमें सभी इलाज की दरें तय हैं। ऐसा नहीं है कि एक बीमारी पर पूरे पांच लाख रुपये लगा दिए जाएं। मरीज पहुंचने के बाद आयुष्मान कार्ड लगाकर अनुमति ली जाती है, फिर इलाज शुरू होता है। अगर अचानक कोई मरीज आ जाए और कार्ड का अप्रूवल न मिले तो दिक्कत होती है। जिस इंजेक्शन को लगाने की बात कह रहा हूं, वह अप्रूवल से पहले का मामला है लेकिन लड़का समझने को तैयार नहीं था।
डॉक्टर ने कहा कि मैंने जो बोला वह फ्रस्ट्रेशन में बोला है। सरकार या जनप्रतिनिधियों से मेरी कोई शिकायत नहीं है। बीते चार माह में आयुष्मान कार्ड से इलाज के बाद बिल का अब तक भुगतान नहीं हुआ है। मेरी परेशानी को भी मानवीय पक्ष से देखा जाना चाहिए। सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाएं भी उपलब्ध मानव संसाधन के लिहाज से बेहतर हैं।
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