टिप्पणी : घर का मान और सम्मान होती हैं बेटियां
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि संतान प्राप्ति के लिए माता-पिता विभिन्न प्रकार की दुआएं, प्रार्थनाएं आदि करते हैं। हिफजा के माता-पिता की वेदना को शायद ही शब्दों में व्यक्त किया जा सके। बेटियां घर का मान और अपने माता-पिता का सम्मान होती हैं। मां के आंचल की छांव में पलने वाली बेटियां पिता की आशाओं का आसमान होती हैं।
दोषी में दया और भावनाओं का घोर का अभाव है। चार वर्षीय मासूम की हत्या की गई है। उसने अभी इस दुनिया में कदम रखा था। यदि लोगों को यह आजादी दी गई कि वह बिजली की धड़ल्ले से चोरी करके सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाएं और करंट से निर्दोष की जान भी ले लें तो समाज में भय एवं अराजकता का वातावरण उत्पन्न हो जाएगा।