महिला ने कहा था- न चैन से रहूंगा न रहने दूंगी
महिला को नोटिस मिला तो उसने बरेली में ही पति व ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस पर युवक ने वर्ष 2017 में इलाहबाद हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। इस दौरान महिला ने पति से कहा कि न चैन से रहूंगी, न ही रहने दूंगी। 20 सितंबर 2021 को यह प्रकरण पारिवारिक न्यायालय के सामने आया।
सम्मान का अभाव हो तो वह शिक्षा अधूरी
अदालत ने यह भी कहा कि आधुनिकता के नकारात्मक प्रभाव के चलते नगरीय मध्यमवर्गीय परिवारों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता को पारिवारिक मूल्यों पर वरीयता दी जा रही है। टिप्पणी में कहा गया कि उच्च शिक्षा के बावजूद यदि पारिवारिक संस्कारों तो वह शिक्षा अधूरी है।