बरेली। डॉ. पूर्णिमा अनिल की वरिष्ठता के बावजूद डॉ. अनुराग मोहन बरेली कॉलेज के प्राचार्य तो बन गए लेकिन इसके बाद अक्सर कुछ न कुछ ऐसा घटित हो रहा है जो अपने पीछे कोई सवाल छोड़कर जा रहा है। शुक्रवार को नैक मूल्यांकन की तैयारियों के लिए प्राचार्य डॉ. अनुराग ने विभागाध्यक्षों और नैक कमेटी की बैठक बुलाई लेकिन डॉ. पूर्णिमा अनिल इसमें नहीं पहुंचीं। हालांकि इसके बावजूद प्राचार्य ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे प्राचार्य कक्ष में आयोजित बैठक में विभागाध्यक्षों को बुलाया गया था मगर अंग्रेजी की विभागाध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा अनिल इसमें न खुद पहुंचीं न कोई प्रतिनिधि भेजा। डॉ. पूर्णिमा के बैठक में न आना कॉलेज में चर्चा का भी विषय बना रहा। हालांकि बैठक में सभी विभागों और शिक्षकों का अलग-अलग प्रोफाइल बनाने का फैसला लिया गया। पीजी फोरम के तहत शैक्षिक गतिविधियां बढ़ाने को भी कहा गया। कॉलेज से जुड़ी सभी गतिविधियों को वेबसाइट पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए और इसके लिए एक कमेटी बनाने का निर्णय हुआ। विभागाध्यक्षों से कहा गया कि उनके विभाग में कोई मरम्मत या कोई और काम होना है तो वे रिपोर्ट बनाकर दें। इस दौरान नैक प्रभारी डॉ. आलोक खरे, डॉ. केके सक्सेना, डॉ. संजीव सक्सेना, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. मनमीत कौर, डॉ. मंजू सिंह, डॉ. स्वदेश सिंह, डॉ. वंदना शर्मा समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।
मीटिंग की सूचना थी लेकिन मैं बृहस्पतिवार से ही अवकाश पर थी। आमतौर पर किसी भी मीटिंग के लिए एक रिमाइंडर कॉल आती थी लेकिन इस बार यह कॉल नहीं आई तो मुझे लगा कि यह नैक से संबंधित सामान्य मीटिंग होगी। - डॉ. पूर्णिमा अनिल, विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी
बैठक बहुत अच्छी हुई है और सभी विभागाध्यक्षों ने भरपूर सहयोग किया। डॉ. पूर्णिमा अनिल के आने या न आने के विषय में मुझे कुछ नहीं कहना है। - डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य, बरेली कॉलेज