बरेली। तमाम अटकलों के बीच वरिष्ठ शिक्षकों को दरकिनार कर शनिवार को डॉ. अनुराग मोहन को बरेली कॉलेज के प्राचार्य पद की जिम्मेदारी दे दी गई। मैनेजमेंट के इशारे पर अपराह्न करीब चार बजे रिटायरमेंट से दस दिन पहले ही डॉ. अजय कुमार शर्मा ने उन्हें कार्यभार सौंप दिया। इस दौरान शिक्षक संघ से जुड़े अधिकांश शिक्षक तो मौजूद रहे लेकिन वरिष्ठता क्रम के अनुसार प्राचार्य पद की दावेदार डॉ. पूर्णिमा अनिल और डॉ. मंजू सिंह नदारद रहीं।
बरेली कॉलेज में वरिष्ठता को लेकर शिक्षकों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। अब तक प्राचार्य रहे डॉ. अजय कुमार शर्मा 14 अक्तूबर को रिटायर हो रहे हैं, लेकिन इससे पहले ही प्राचार्य पद पर नई तैनाती के प्रयास शुरू हो गए। वरिष्ठता सूची के अनुसार कॉलेज में डॉ. अजय शर्मा के बाद दूसरे नंबर पर डॉ. पूर्णिमा अनिल आती हैं। मगर उनकी वरिष्ठता को दरकिनार कर शनिवार को अचानक डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य पद की जिम्मेदारी दे दी गई। शिक्षक संघ की मौजूदगी में डॉ. अजय कुमार शर्मा ने उन्हें प्रभार सौंपा। मगर डॉ. अनुराग मोहन की ज्वाइनिंग पूरी तरह से गुटबाजी में घिरी नजर आई। इस दौरान चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. रीना अग्रवाल, डॉ. एपी सिंह, डॉ. वीपी सिंह, डॉ. स्वदेश सिंह, डॉ. कमल सक्सेना आदि मौजूद रहे, लेकिन वरिष्ठता क्रम के अनुसार प्राचार्य पद की दावेदार डॉ. पूर्णिमा अनिल और डॉ. मंजू सिंह समेत कई शिक्षक नदारद रहे।
विवादित मैनेजमेंट कमेटी के निर्णय पर उठ रहे सवाल
बरेली कॉलेज में भले ही डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य पद की जिम्मेदारी दे दी गई हो लेकिन इस फैसले पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इन दिनों बरेली कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी विवादित चल रही है। प्रशासन ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश को अंतरिम सचिव बनाया था, लेकिन मैनेजमेंट कमेटी इसके विरुद्ध कोर्ट चली गई। मामला अब भी कोर्ट में विचाराधीन है। शिक्षकों का कहना है कि जब मैनेजमेंट कमेटी ही विवादित है तो वह प्राचार्य बदलने का निर्णय कैसे ले सकती है। सवाल उठाया कि क्या यह मामला कोर्ट की अवमानना का नहीं है।
फिर गरमाएगा वरिष्ठता का मामला, आरएचईओ से शिकायत
डॉ. अनुराग मोहन की प्राचार्य पद पर ताजपोशी के दौरान ही डॉ. पूर्णिमा अनिल और डॉ. मंजू सिंह ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी (आरएचईओ) डॉ. राजेश प्रकाश से मुलाकात की। इन लोगों ने शिक्षा विभाग के पास मौजूद वरिष्ठता सूची की जानकारी ली और कॉलेज में वरिष्ठता सूची को दरकिनार कर प्राचार्य पद पर नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए। डॉ. पूर्णिमा अनिल ने बताया कि इस मामले में उन्होंने कमेटी के सचिव देवमूर्ति से बात करने का प्रयास किया लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
बरेली कॉलेज में नहीं बन सका इतिहास
मंडल के सबसे प्रतिष्ठित बरेली कॉलेज की स्थापना वर्ष 1837 में हुई थी। इसके बाद से यहां पुरुष शिक्षक ही प्राचार्य पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब पहली बार वरिष्ठता के अनुसार किसी महिला शिक्षक के प्राचार्य की जिम्मेदारी संभालने की बारी आई लेकिन बरेली कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन ने एक नये इतिहास को बनने से पहले ही खत्म कर दिया।
आसान नहीं होगी डॉ. अनुराग की राह
कड़ी चुनौतियों का करना होगा सामना
कॉलेज में अनुशासन, शिक्षा का माहौल बनाने और विवादों पर विराम को बताई प्राथमिकता
बरेली। प्राचार्य पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. अनुराग मोहन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कॉलेज की छवि को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता है। कॉलेज में अनुशासन और शिक्षा का बेहतर माहौल बनाने पर काम किया जाएगा। वहीं, शिक्षकों के बीच लगातार हो रहे विवादों को उन्होंने जांच और कार्रवाई के बजाय सुलह-समझौते से निपटाने की बात कही।
बरेली कॉलेज में प्राचार्य पद पर डॉ. अनुराग मोहन की राहें बहुत आसान नहीं हैं। कॉलेज में चल रहे कई विवादों का भी उन्हें सामना करना होगा। हालांकि अपनी प्राथमिकताओं के बारे में उन्होंने कहा कि अनुशासन पहले के मुकाबले बेहतर है लेकिन इसमें अभी और सुधार करना है। उनका प्रयास होगा कि कैंपस का माहौल पूरी तरह से शैक्षणिक बने। शिक्षकों के मुद्दे इंक्वायरी के बजाय बातचीत से सुलझें और सबसे पहले गणित विभाग का विवाद ऐसे ही हल कराया जाएगा। एडमिशन में फर्जीवाड़े से निपटने को उन्होंने चुनौती के रूप में स्वीकार किया। कहा, खेल सर्टिफिकेट की जांच अलग-अलग खेल संघों से कराएंगे। वरिष्ठता दरकिनार कर खुद को प्राचार्य बनाने को मैनेजमेंट का निर्णय बताया और डॉ. पूर्णिमा अनिल को दीदी कहकर वरिष्ठ बताया, साथ ही डॉ. मंजू सिंह के वरिष्ठ होने का विरोध किया। बताया वह 26 साल एनसीसी के प्रभारी रहे हैं, दो बार एडमिशन, एक बार स्थापना प्रभारी, डीएसडब्ल्यू और स्पोर्ट्स की जिम्मेदारी भी संभाली है। कॉलेज में वरिष्ठता विवाद को उन्होंने नकार दिया। कहा, इस पर विश्वविद्यालय निर्णय लेगा।
मेरा रिटायरमेंट 14 अक्तूबर को होगा। मगर मैनेजमेंट के निर्देश के अनुसार डॉ. अनुराग मोहन को मैंने प्राचार्य पद का कार्यभारी सौंप दिया है। उम्मीद करता हूं कि वह कॉलेज को बेहतर माहौल देंगे और सबके बीच समन्वय बनाकर काम करेंगे। - डॉ. अजय कुमार शर्मा, निवर्तमान प्राचार्य, बरेली कॉलेज
मैनेजमेंट के निर्देशानुसार मैंने प्राचार्य पद की जिम्मेदारी संभाल ली है। पहले भी जूनियर शिक्षकों को प्राचार्य पद का दायित्व दिया गया है। डॉ. पूर्णिमा अनिल मुझसे सीनियर हैं और मैं उनका सम्मान करता हूं लेकिन डॉ. मंजू सिंह मुझसे सीनियर नहीं हैं। - डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
आज की स्थिति में कॉलेज में जो हो रहा है, वह ठीक नहीं है। प्राचार्य की जिम्मेदारी डॉ. पूर्णिमा अनिल को मिलनी चाहिए। वह अच्छे से कॉलेज चला भी सकती हैं। वरिष्ठता सूची के अनुसार मैं भी डॉ. अनुराग मोहन से सीनियर हूं। - डॉ. मंजू सिंह, विभागाध्यक्ष, ललित कला विभाग
यह अन्यायपूर्ण निर्णय है। मैं षडयंत्रकारी ताकतों का शिकार हुई हूं। महिला प्राचार्य मिलने का ऐतिहासिक गौरवपूर्ण पल महाविद्यालय से छीन लिया गया है। प्रबंधन वरिष्ठता कायम रखकर बेहतर अकादमिक संदेश दे सकता था, जिससे महाविद्यालय में चल रही राजनीति पर लगाम लगती। प्राचार्य पद का मुझे लोभ नहीं लेकिन सत्य और सिद्धांत की लड़ाई के लिए सदा संघर्षरत रहूंगी। अपने हक की रक्षा के लिए मैं हरसंभव प्रयास करूंगी। - डॉ. पूर्णिमा अनिल, विभागाध्यक्ष अंग्रेजी विभाग
डॉ. पूर्णिमा अनिल मुझसे मिली थीं और वरिष्ठता के संबंध में बात की। प्राचार्य बदलने के बारे में मुझे अधिकृत रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय और प्रशासन से बातचीत के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। - डॉ. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी
बरेली कॉलेज में प्राचार्य बदलने के लिए न तो मैनजमेंट कमेटी की बैठक हुई और न ही बदलाव के संबंध में कोई जानकारी दी गई है। मैनेजमेंट कमेटी को लेकर भी विवाद है। इसकी जांच कराई जाएगी कि चार्ज कैसे दिया गया। - वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम