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बरेली कॉलेज - हर मुद्दे को हवा देते हैं ‘सीनियारिटी’ पर बंटे लोग, प्रबंधन है कि सोचता ही नहीं

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बरेली। पढ़ाई लिखाई से इतर बरेली कॉलेज आए दिन विवादों को लेकर सुर्खियों में रहता है। कभी शिक्षक भिड़ते हैं, कभी छात्र। ताजा घटनाक्रम गणित विभाग का है, जहां दो शिक्षकों के विवाद पर कॉलेज को जांच समिति बनानी पड़ी। सूत्रों का कहना है कि घटना कोई भी हो सीनियारिटी के नाम पर बंटे कुछ लोग ऐसे विवादों को हवा देते हैं, जिसके चलते कॉलेज हमेशा तपता रहता है और नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ता है। कॉलेज प्रशासन और प्रबंधन इस विषय पर अनिर्णय की स्थिति में है।
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बरेली कॉलेज से जुड़े लोगों से बात करो तो अधिकतर यही कहेंगे कि यहां सारे फसाद की जड़ है विधिक राय से बनी सीनियारिटी लिस्ट का लागू न होना। इसकी वजह से जूनियर ऊपर और सीनियर नीचे हैं। कॉलेज का एक गुट नहीं चाहता कि नई लिस्ट लागू हो। क्योंकि उसकी चौधराहट खत्म हो जाएगी। परोक्ष रूप से ये लोग कॉलेज प्रशासन और प्रबंधन को भी दबाव में लिए रहते हैं। इसमें शिक्षक संघ के कुछ नेताओं की अहम भूमिका है, जो इस पूरे मामले की धुरी हैं। कॉलेज का दूसरा गुट नई लिस्ट के पक्ष में है। इन्हीं दो गुटों के बीच मुद्दों और घटनाओं को लेकर रस्साकशी होती रहती है। खास यह कि सीनियारिटी लिस्ट को लेकर बंटे दो गुटों के पैरोकार एक खास विभाग से जुड़े हैं। इसलिए उस विभाग का तापमान हमेशा हाई रहता।
इस मुद्दे पर एक शिक्षक का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश पर बनी सीनियारिटी लिस्ट लागू हुई तो कई विभागाध्यक्षों की कुर्सी बदल जाएगी। कई ऐसे शिक्षक हैं, जों वरिष्ठता क्रम में कई पायदान नीचे आ जाएंगे। अब ऐसे लोग क्यों चाहेंगे कि नई लिस्ट लागू हो। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि नई लिस्ट में भी झोल है।
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सूत्रों का कहना है कि हॉल ही में दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद का सूत्रधार भले एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। लेकिन उसके बाद की कहानी सीनियारिटी को लेकर उपजी वैमनस्यता के कारण आगे बढ़ी और अब नाक का सवाल बन गई। प्रबंधन जब तक सीनियारिटी के मसले को हल नहीं करेगा, झगड़ा झंझट होता रहेगा।
जुलाई 2018 में नई सीनियारिटी लिस्ट की घोषणा की गई थी, लेकिन मेरे छुट्टी जाने पर कार्यवाहक प्राचार्य को कुछ शिक्षकों ने नई लिस्ट के विरोध में अपना प्रतिवेदन दिया। इसके बाद उन्होंने उसे रोक दिया। तब से मामला लंबित है। जल्द ही इस पर विचार होगा।
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- डॉ. अजय शर्मा, प्राचार्य बरेली कॉलेज
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