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प्राचार्य जी! गर्ल्स हॉस्टल वाली छात्रा का क्या करना है

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बरेली। बरेली कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के सफाई कर्मचारी के प्राचार्य कक्ष में जहर खाने के बाद छात्रा को ब्लैकमेल किए जाने का कई दिनों से दबाकर रखा गया मामला चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रीशियन ने छात्रा को एडमिशन दिलाने का झांसा देकर फंसाया था और उसे बार-बार गर्ल्स हॉस्टल में मिलने बुलाता था। इसके बावजूद कॉलेज प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई न किए जाने से कर्मचारियों में भी गुस्से का माहौल है। हालांकि कॉलेज प्रशासन शिकायत न होने के बहाने अब भी इस मामले को दबाने में जुटा है।
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शुक्रवार को बरेली कॉलेज के एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी ने प्राचार्य कार्यालय में चूहेमार दवाई खा ली थी जिसके बाद हालत बिगड़ने पर कॉलेज प्रशासन ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। मगर इसके बाद कर्मचारी के चूहेमार दवा खाने के पीछे की कहानी सार्वजनिक हो गई। इस कर्मचारी की एक निजी इलेक्ट्रीशियन से दोस्ती थी, जो इन दिनों गर्ल्स हॉस्टल में काम कर रहा है। उस इलेक्ट्रीशियन ने सफाई कर्मचारी के नाम से फेसबुक पर आईडी बनाकर एक छात्रा को फंसा लिया। इसके बाद वह छात्रा को गर्ल्स हॉस्टल में बुलाने लगा और सफाई कर्मचारी उनकी निगरानी करता था। बताया जाता है कि छात्रा को इन दोनों ही व्यक्तियों ने खुद को बरेली कॉलेज में शिक्षक बताकर एडमिशन के नाम पर फंसाया था। चार-पांच दिन पूर्व छात्रा की मां ने प्राचार्य से शिकायत की तो उन्होंने माफी मंगवाकर मामला निपटा दिया। मगर सफाईकर्मी के घर में क्लेश होने लगा तो उसने शुक्रवार को प्राचार्य कक्ष में चूहेमार दवाई खा ली। इसके बावजूद भी कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई के बजाय उसे अस्पताल में भर्ती कराकर पल्ला झाड़ लिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए शिकायत न होने के बहाने कोई कार्रवाई न करने से कर्मचारियों में भी आक्रोश है। उनका कहना है कि ऐसे तो छात्राओं का कर्मचारियों से भरोसा उठ जाएगा।
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