बरेली। पीलीभीत हाईवे पर छह मौतों के बाद अफसरों को एक बार फिर बड़ा बाईपास पर भी खतरों का ख्याल आ गया है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने दो हफ्ते पहले एनएचआई अधिकारियों को बड़ा बाईपास पर तीन जगह पर हाईमास्ट लगाने के आदेश दिए थे। इसके बाद एनएचएआई ने साढ़े चार लाख रुपये की कनेक्शन फीस तो पॉवर कारपोरेशन में जमा कर दी लेकिन पोलों पर लाइट अब तक नहीं लगाई है। शनिवार को आरटीओ जयश्ंाकर तिवारी ने एनएचएआई अधिकारियों को लिखी चिट्ठी में पीलीभीत हाईवे पर हुए हादसे की याद दिलाते हुए बड़ा बाईपास पर जल्द हाईमास्ट लाइटें जलवाने को कहा है।
लखनऊ-दिल्ली हाईवे के बड़ा बाईपास पर रजऊ परसपुर के पास खतरनाक मोड़ हैं। उधर, परसाखेड़ा में शहर में दाखिल वाले ट्रैफिक को इस नेशनल हाईवे से टर्न लेना पड़ता है। रात में यहां अंधेरा रहने से कई बड़े हादसे हो चुके हैं। इसमें कई लोगों की जान जा चुकी है। करीब दो हफ्ता पहले कमिश्नर ने एनएचएआई के मुरादाबाद के पीडी बीके बंसल को बड़ा बाईपास पर दो साल से तीन जगहों पर अधूरी पड़ी हाईमास्ट लाइटों को न लगाने पर फटकार लगाते हुए आरटीओ जयशंकर तिवारी को इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने के आदेश भी दे दिए थे। इसके बाद एनएचएआई ने तेजी दिखाते हुए पावर कारपोरेशन को बिजली कनेक्शन के लिए करीब साढ़े चार लाख रुपये जमा भी किए, लेकिन अब तक यह लाइटें नहीं जल सकी हैं। कमिश्नर के आदेश के बावजूद लगातार लापरवाही बरती जा रही है।
शुक्रवार को पीलीभीत हाईवे पर हुए हादसे के बाद एक बार फिर अधिकारियों को दिल्ली-लखनऊ हाईवे की याद आ गई है। आरटीओ ने बड़ा बाईपास पर हाईमास्ट लाइटें न जलने पर एनएचएआई और पावर कारपोरेशन के अधिकारियों से बात कर बिजली कनेक्शन तत्काल दिलाने को कहा है।
बड़ा बाईपास हाईमास्ट लाइटें अब तक नहीं जल सकी हैं, जबकि एनएचएआई इसकी कनेक्शन फीस भी जमा कर चुका है। इसे लेकर मैंने पावर कारपोरेशन के एक्सईएन से बात की हैं। उन्होंने बताया है कि दो से तीन दिन में लाइटें जलनी शुरू हो जाएंगी।
- जयशंकर तिवारी, आरटीओ