शुरू से ही साफ नहीं थी चरणपाल की नीयत
छत्रपाल सिंह की पत्नी मनीषा सिंह के मुताबिक, उनके पति छत्रपाल बिल्डर चरणपाल सिंह सोबती के पिता हीरा सिंह के पास वर्ष 1990 से काम कर रहे थे। हालांकि, चरणपाल सिंह की नीयत शुरू से ही साफ नहीं थी। उसने उनके पति को लालच देकर न सिर्फ जमीनें खरीदीं, बल्कि बैंकों में भी संयुक्त खाता खुलवाकर करोड़ों का लेनदेन किया है।
रामपुर और रुद्रपुर की अन्य संपत्तियों का राजफाश बाकी
मनीषा सिंह ने बताया कि अभी रामपुर और रुद्रपुर जिलों में भी छत्रपाल के नाम से जो जमीनें चरणपाल ने खरीदी हैं और बैंकों में संयुक्त खातों में जो भी जमा-निकासी की है, उनके राज खुलने बाकी हैं। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की प्रारंभिक जांच में डोहरा और हरूनगला की बेनामी संपत्तियां ही प्रकाश में आई हैं।