इस प्रोजेक्ट के लिए भू अधिग्रहण पर करीब 270 करोड़ रुपये खर्च होना है। पूर्व में एनएचएआई ने इसके लिए 1527 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। 38.50 किमी लंबे पैकेज फोर के लिए 837 करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च की डीपीआर बनाई गई थी।
40 फीसदी भूमि का हो चुका अधिग्रहण
एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यालय से अनुमति मिलने पर कंपनी के साथ अनुबंध होगा। इसमें एक महीने तक का समय लग सकता है। इसके बाद कंपनी को पांच महीने का समय काम शुरू करने के लिए मिलेगा।
काम शुरू करने के लिए 80 फीसदी जमीन का अधिग्रहण आवश्यक है। अभी 40 फीसदी जमीन हमारे पास है। इसे तेजी से पूरा कराया जा रहा है, ताकि अनुबंध के समय कंपनी को 80 फीसदी जमीन उपलब्ध कराई जा सके। दो साल के अंदर कंपनी को यह काम पूरा करना होगा।