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बरेलीः कई जगह हुआ चुनाव का बहिष्कार, दिन भर दौड़ते रहे अफसर

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बरेली। विकास कार्यों में उपेक्षा को लेकर भोजीपुरा, आंवला और मीरगंज विधानसभा क्षेत्र के कुछ गांवों में लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। जानकारी मिलने पर अफसर गांव पहुंचे, लेकिन लोगों ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद विभिन्न पार्टियों के प्रत्याशी गांव पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया तो कुछ लोगों ने मतदान किया।
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भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र के गांव धनुआ में विकास कार्यों की उपेक्षा को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। गांव वालों का आरोप था कि विधायक बहोरन लाल मौर्य पांच साल में एक बार भी उनके गांव नहीं आए। सड़कें और बिजली व्यवस्था खराब है। ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए गांव वालों को आपस में चंदा करना पड़ता है।
बहिष्कार की सूचना मिलने पर प्रशासन के अफसर गांव पहुंच गए और लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। कुछ समय बाद सपा प्रत्याशी शहजिल इस्लाम, बसपा प्रत्याशी योगेश पटेल और भाजपा जिलाध्यक्ष पवन शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, डीसीबी चेयरमैन वीरेंद्र सिंह वीरू पहुंचे। सभी ने ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद वे मान गए। दोपहर करीब एक बजे मतदान शुरू हुआ।
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ढकिया में बहिष्कार के बाद पड़े 157 वोट पुलिस ने दबाव बनाया तो गुस्साए ग्रामीण : आंवला विधानसभा के गांव ढकिया के ग्रामीणों ने गैनी-नौगवां-ढकिया मार्ग न बनने पर मतदान का बहिष्कार कर दिया। कहा, आज तक यह सात किलोमीटर लंबी सड़क नहीं बन सकी है। मजबूरन उन लोगों को मतदान का बहिष्कार करना पड़ा है।
गांव के विशाल राजपूत, तिलक राज, धर्म सिंह, पन्नालाल, रावेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, विजेंद्र वर्मा, कुंवरसेन आदि का कहना था कि धर्मपाल सिंह मंत्री भी रहे लेकिन उनकी सड़क आज तक नहीं बनी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन्हें मतदान करने पर ही छोड़ने की शर्त रखी तो गांव वाले भड़क गए। इसकी जानकारी होने पर शाम करीब साढ़े चार बजे भाजपा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह गांव पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया और जल्द सड़क के निर्माण का आश्वासन दिया तब मतदान शुरू हुआ। यहां 157 वोट पड़े। संवाद
गौंटिया के लोगों ने नहीं किया मतदान : विकासखंड मीरगंज की ग्राम पंचायत खमरिया आजमपुर की गौंटिया के लोग रोड नहीं तो वोट नहीं की जिद पर अड़े रहे। उन्होंने मतदान नहीं किया। बता दें कि गौंटिया गांव के वोट खमरिया आजमपुर गांव स्थित परिषदीय स्कूल में पड़ते हैं, लेकिन गांव वाले मतदान करने नहीं पहुंचे।
उन्होंने सुबह ही गांव में टेंट और बैनर लगाकर मतदान के बहिष्कार का एलान कर दिया। जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार दीप्ति पाल गांव पहुंचीं। उन्होंने लोगों को समझाया लेकिन वे नहीं माने। इस वजह से गौंटिया के करीब तीन सौ वोट नहीं पड़े। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में अब तक कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। न रास्ता है और न ही शिक्षा के लिए स्कूल की व्यवस्था।
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