परिवार को दिया जाए एक करोड़ रुपये का मुआवजा
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार ने कहा कि अफसर शिक्षकों से बदसलूकी करते हैं। शिक्षक रोजाना रात 12 बजे तक काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें प्रशासनिक अफसरों से अपमानित होना पड़ रहा है। एसआईआर के लिए एक माह की अवधि बहुत कम है। हमारी मांग है कि शिक्षक सर्वेश के परिजनों को सरकार एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे। भोजीपुरा के खंड शिक्षा अधिकारी और कई शिक्षक पोस्टमाॅर्टम हाउस पहुंचे। सभी का कहना था कि सर्वेश काफी मिलनसार थे। पत्नी की मौत के बाद वह दुखी रहते थे। मगर, अपनी ड्यूटी के साथ ही वह अपने दोनों बच्चों की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
शिक्षकों पर है दबाव
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि अवकाश बंद होने से शिक्षकों पर दबाव है। वह स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख पा रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के मांडलिक मंत्री केसी पटेल ने कहा कि सर्वेश की मृत्यु से हम सभी स्तब्ध हैं। शिक्षकों पर दबाव न बनाया जाए और एसआईआर की अवधि बढ़ाई जाए। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला कोषाध्यक्ष परीक्षित गंगवार ने कहा कि सर्वेश की मौत कई सवाल छोड़ गई है। अधिकारी अच्छी रैंकिंग के लिए कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं।
आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की मांग
बीएलओ शिक्षक सर्वेश कुमार गंगवार की मौत की सूचना पर समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी पोस्टमाॅर्टम हाउस पहुंचे। सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि एसआईआर की कार्यप्रणाली के अत्यधिक दबाव और तनाव के कारण शिक्षक की मौत हुई है।
प्रदेश सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। आश्रितों को सरकारी नौकरी देने के साथ ही एसआईआर की समय सीमा छह माह की जाए। सपा नेताओं ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद, इं. अनीस अहमद, सुरेंद्र सोनकर, सचिन आनंद, संजीव कश्यप सहित अन्य लोग मौजूद रहे।