महिला ने बताया कि करीब 17 साल पहले उसने अपनी मौसेरी बहन के साथ बार्डर पार करके भारत में प्रवेश किया था। भटकते-भटकते वह बरेली पहुंची। यहां उसने धर्म परिवर्तन कर एक व्यक्ति से शादी कर ली थी।
बरेली के शीशगढ़ थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव में बांग्लादेश की एक महिला पहचान छिपाकर पिछले 17 साल से रह रही थी। पासपोर्ट आवेदन की जांच के लिए रविवार को पुलिस जब गांव पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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महिला की पहचान बांग्लादेश के गोपालगंज जनपद के गांव जौलीपुर निवासी निपुन देवी के तौर पर हुई है। महिला ने बताया कि करीब 17 साल पहले उसने अपनी मौसेरी बहन के साथ बार्डर पार करके भारत में प्रवेश किया था। भटकते-भटकते वह बरेली पहुंची। यहां आकर उसने हिंदू धर्म अपनाकर बंजरिया गांव निवासी एक व्यक्ति से शादी कर ली। शादी के बाद उसके तीन बच्चे हुए।
उसने पहचान के कई प्रमाणपत्र भी बनवा लिए। कुछ दिन पहले पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। आवेदन की जांच के लिए पुलिस गांव पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। थाना इंचार्ज क्राइम इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने बताया कि महिला को जेल भेज दिया गया है।
17 साल से पहचान छिपाकर रह रही महिला के बारे में एलआईयू को कोई जानकारी नहीं हुई। महिला ने कई दस्तावेज भी बनवा लिए। पासपोर्ट के लिए भी आवेदन कर दिया। रविवार को जब उसे गिरफ्तार किया गया तब भी एलआईयू की टीम गांव नहीं पहुंची।