पीलीभीत के न्यूरिया थाने के गांव अल्लाकारी ढकिया निवासी भागीरथ का ननिहाल न्यूरिया के मोहल्ला खब्बापुर में है। उजमा उजमा मोहल्ला खब्बापुर की निवासी है। भागीरथ का अपनी ननिहाल में आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो दोनों में दोस्ती हो गई। दोनों एक-दूसरे से फोन पर बात करने लगे। यह दोस्ती प्यार में बदल गई।
भागीरथ और उजमा रविवार को बरेली के मढ़ीनाथ स्थित एक आश्रम पहुंचे। दोनों आश्रम के आचार्य को अपने बारे में बताया और शादी करने की इच्छा जाहिर की। यहां उजमा ने धर्म परिवर्तन करने के बाद अपना नाम उर्मिला कर लिया। आचार्य ने दोनों का विवाह कराया। उजमा ने कहा कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है। उसने अपने घरवालों से जान का खतरा जताया है।