राज्य सरकार के वकीलों ने किया था जमानत का विरोध
पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने वकील का कहना था कि अपील निस्तारण तक सजा का आदेश स्थगित रखने के साथ ही उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। राज्य सरकार की तरफ से वकीलों ने धनंजय सिंह के आपराधिक इतिहास में नहीं जोड़े गए मुकदमों के साथ दिल्ली व लखनऊ के आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी।
कहा कि कई मामलों में ट्रायल चल रहा है, ऐसे में जमानत देना उचित नहीं होगा, जबकि धनंजय के वकील का कहना था कि उन्हें राजनीतिक दुर्भावना के तहत झूठा फंसाया गया है। जो तीन गवाह हैं, उनमें दो सरकारी कर्मचारी और एक प्रोजेक्ट का कर्मचारी है, उन पर दबाव बनाकर झूठी गवाही कराई गई। माना जा रहा है कि कोर्ट में अभियोजन पक्ष की दलील बेअसर रहीं।