बहेड़ी। आदलपुर गांव में परिवार के साथ खेत पर उड़द तोड़ने गए मासूम को पर आधा दर्जन आवारा कुत्तों ने हमला बोलकर नोंच डाला। प्राथमिक इलाज के बाद उसे बरेली रेफर कर दिया गया। आवारा कुत्तों के फिर से हमलावर होने से ग्रामीण बेहद सहम गए हैं।
आदलपुर के दीनदयाल का सात वर्षीय पुत्र सोहित रविवार शाम करीब चार बजे अपने पिता, मां सुमनलता, दादी नारायण देवी व भाई निशांत के साथ गांव से करीब एक किमी दूर खेत में उड़द तोड़ने गया था। अचानक उसे शौच लगी तो वह पिता से शौच को घर जाने की जिद करने लगा। पिता ने उसे पड़ोस के धान के खेत में शौच को जाने को कहा और काम करने लगे। सोहित उधर जाकर शौच करने लगा। इस बीच करीब आधा दर्जन आवारा कुत्तों ने मासूम पर हमला बोल दिया। वह उसे पटक पटककर नोंचने लगे। मासूम की चीख सुनकर दीनदयाल और परिवार के लोग भागते हुए मौके पर पहुंचे। बमुश्किल मासूम को आवारा कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। उसे इलाज के लिए सीएचसी लाया गया। उसके दोनो पैरों को कुत्तों ने बुरी तरह से नोंच डाला। डाक्टरों ने इलाज के बाद उसे बरेली रेफर कर दिया। हालत गंभीर बताई जा रही है।
बचाने गए परिवार पर भी हमलावर हुए कुत्ते
सोहित के पिता दीनदयाल का कहना है कि वह जब हमलावर कुत्तों से बेटे को बचाने पहुंचे तो कुत्तों ने एक बार गुर्राते हुए उन पर भी हमला कर दिया। जब वो फावड़ा, डंडा लेकर दौडे़ तो कुत्ते जंगल की ओर भागे।
मांस के अवशेष फिर फेंके जाने लगे
मांस के अवशेषों को खाकर आवारा कुत्तों की प्रवृत्ति आक्रामक हो रही है। नगर का स्लाटर हाउस बंद होने के बाद अब लोग घरों में पशुओं को काटकर अवशेष सड़क किनारे फेंक रहे हैं। पहले प्रशासन ने बैठक कर इसकी रोकथाम के प्रयास का दावा किया था लेकिन कुछ समय बाद फिर वही हाल हो गया। नगर के कुछ ही मीट विक्रेताओं के पास पालिका द्वारा जारी किए लाइसेंस हैं। लाइसेंस से दुगनी दुकानें गली कूचों में खुली हैं। राजनैतिक दबाव के चलते इन पर हाथ डालने की हिम्मत अधिकारी नही जुटा पाते।
बहेड़ी में आवारा कुत्तों के फिर हमलावर होने की सूचना मिल रही है। कल ही नगर पालिका परिषद, वन विभाग के अलावा संबंधित विभागों के अधिकारियों को बुलाकर मंथन किया जायेगा। कुत्तों के हमले की रोकथाम के लिए कारगर उपाय निकाला जायेगा। - कुंवर पंकज एसडीएम बहेड़ी