नवाबगंज/बरेली। केंद्रीय सड़क मार्ग निधि से स्वीकृत बरखन-बहिर जागीर मार्ग निर्माण शुरू होने से पहले ही बखेड़ा हो गया। सड़क का शिलान्यास करने से पहले शरारती तत्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार के नाम का शिलापट्ट ही उखाड़ ले गए। अफसर सड़क का उद्घाटन कराने पहुंचे तो टूटा शिलापट्ट देख उनके होश उड़ गए। आनन फानन में एक प्लाई बोर्ड का शिलापट्ट बनवाकर औपचारिकता पूरी की गई। शिलापट्ट पर नाम होने के बाद भी पूर्व मंत्री और सपा के विधायक भगवतसरन गंगवार समारोह में नहीं पहुंचे। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के प्रस्ताव पर केंद्रीय सड़क मार्ग निधि से नवाबगंज- बरखन- बहिर जागीर मार्ग का निर्माण 27.82 करोड़ की लागत से अगस्त में स्वीकृत हो चुका है। 16 किमी लंबे मार्ग की चौड़ाई भी तीन मीटर से बढ़ाकर सात मीटर होनी है। इसका निर्माण डेढ़ साल में पूरा किया जाना है। रविवार को सुबह सात बजे केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार मार्ग का शिलान्यास करने पहुंचे और प्लाई बोर्ड पर शिलान्यास किया। उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं साथ ही कहा कि सड़क निर्माण वक्त पर पूरा होना चाहिए और गुणवत्ता में कोई कमी नहीं रहे। बजट का संकट नहीं रहने दिया जाएगा। भाजपा नेता डा. एमपी आर्य ने विपक्षी दल के नेताओं पर शिलापट्ट तोड़ने का आरोप लगाया है। समारोह में भाजपा नेता भुजेंद्र गंगवार, रविशंकर, विनोद गुप्ता, प्रदीप सूरी,लेखराज गंगवार, डा. शत्रुघन, बब्लू गंगवार, माहिर अली जैदी, सभासद दीपक सूरी आदि मौजूद थे। अध्यक्षता राजीव गंगवार और संचालन हेमेंद्र गंगवार ने किया।
किसने तोड़ा शिलापट्ट
शिलापट्ट किसने तोड़ा। ये सवाल बाद में भी चर्चा का विषय रहा। कुछ लोग सपाईयों पर शिलापट्ट तोड़ने का आरोप लगा रहे थे, वहीं भगवत समर्थकों का कहना था कि शिलापट्ट में उनका नाम लिखा होने का भाजपाई पहले ही विरोध कर रहे थे। उन्होंने ही शिलापट्ट तोड़ा होगा।
बजट जल्द आएगा
एक्सईएन बीएन शर्मा का कहना है कि नवाबगंज बरखन-जागीर मार्ग को केंद्रीय सड़क मार्ग निधि से वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। बजट मिलने ही वाला है। काम शुरू कर दिया गया है। बजट मिलते ही सड़क निर्माण का काम तेज किया जाएगा।
मैं तो रात में बरेली में था। सुबह सात बजे शिलान्यास कर दिया। इतनी जल्दी कैसे पहुंच पाते। भाजपा के लोग रात में ही मेरे नाम के शिलापट्ट का विरोध कर रहे थे। मैं अगर समारोह में जाता तो विवाद बढ़ने का डर था। अगर भाजपाई संतोष गंगवार के समर्थन में नारेबाजी करते तो हमारे कार्यकर्ता भी कमजोर नहीं थे। विवाद न बढे़। इसलिए समारोह में नहीं गया- भगवतसरन गंगवार, पूर्व मंत्री और विधायक भाजपा