बरेली। जंक्शन के प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर गिरने से घायल हुए दंपती की हालत में अब सुधार है। उनका एक ऑपरेशन हो चुका है, दूसरा ऑपरेशन बृहस्पतिवार को होगा। इधर, रेलवे के अधिकारियों समेत आरपीएफ या फिर जीआरपी ने अब तक उनकी सुध नहीं ली है। हादसे के बाद उनका बैग भी चोरी हो गया। बैग में 50 हजार रुपये और मोबाइल फोन समेत अन्य कीमती सामान था। इसकी रिपोर्ट भी नहीं दर्ज की गई।
बदायूं के थाना अलापुर के गांव म्याऊ निवासी अवनीश कुमार विद्युत निगम में संविदा कर्मचारी हैं। मंगलवार को वह पत्नी पुष्पा, बेटे अंश व वंश के साथ हरिद्वार जाने के लिए जंक्शन पहुंचे थे। उनके भाई करन भी साथ थे। परिवार के पास 15119 वाराणसी-हरिद्वार एक्सप्रेस का टिकट था। ट्रेन मंगलवार रात 9:20 बजे जंक्शन के प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर पहुंची। अवनीश और उनकी पत्नी ट्रेन में सवार हो रहे थे।
इसी दौरान पैर फिसलने से दोनों गिर गए। अवनीश के भाई करन ने किसी तरह वंश और अंश को गिरने से बचाया। अवनीश और पुष्पा को भी ट्रैक से अपनी ओर खींचा। इस दौरान अवनीश और पुष्पा के पैरों में गंभीर चोटें आईं। शहर के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। करन का कहना है कि आधे घंटे तक उनके भाई और भाभी प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर घायल अवस्था में पड़े रहे। आरपीएफ और जीआरपी ने उनकी कोई मदद नहीं की। इस दौरान उनकी भाभी का पर्स भी चोरी हो गया। बुधवार को वह तहरीर देने पहुंचे तो उनकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई।
करन ने बताया कि अभी वह भाई और भाभी का इलाज करा रहे हैं। उनके ठीक होने के बाद वह रेलवे के खिलाफ कोर्ट की शरण में जाएंगे। इधर, इंस्पेक्टर जीआरपी अजीत प्रताप सिंह का कहना है कि कोई तहरीर नहीं मिली है। इंस्पेक्टर आरपीएफ विनीता सिंह का कहना है कि दंपती को अस्पताल भेजा गया था। तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।