बरेली। थाईलैंड में पिछले महीने आयोजित विश्व मास्टर्स चैंपियनशिप में भाग लेने के बाद लौटे दो बार राष्ट्रीय स्तर पर उपविजेता और पांच बार राज्यस्तर पर स्वर्ण पदक विजेता दिवेेंद्र थापा ने शहर में बैडमिंटन के खेल को और अधिक बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुभवी प्रशिक्षकों की नियुक्ति और नियमित प्रतियोगिताओं का आयोजन होने से वर्तमान में खेल प्रतिभाओं को अपने हुनर को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा और आने वाली नई प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन मिल सकेगा। दिवेंद्र ने बताया कि शहर के स्टेडियम में दो इंडोर हॉल की सुविधा मौजूद होना सकारात्मक पहलू है।
दिवेंद्र थापा ने बताया कि उनकी दिनचर्या बेहद सख्त और व्यवस्थित है। वह रोज सुबह जल्दी उठकर दौड़ लगाते हैं और जिम जाते हैं, जिससे उनकी फिटनेस बनी रहती है और शरीर में ऊर्जा आती है। दौड़ने के बाद सीधे कोर्ट में जाकर बैडमिंटन का अभ्यास शुरू करते हैं। युवाओं को संदेश देते हुए देवेन्द्र थापा ने कहा कि यदि खिलाड़ी अनुशासन, समर्पण और लगातार मेहनत के साथ खेलते हैं, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। संवाद