मौके पर जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारी
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सतेंद्र को भी मारीं दो गोलियां
बताया जा रहा है कि जिस वक्त अमर सिंह के लोग फायरिंग करते हुए खेत पर पहुंचे थे। जयप्रकाश उनसे डर गया था। वह खेत में खड़ी ट्रॉली में जाकर छिप गया था। तब तक फायरिंग की आवाज सुनकर गांव के तमाम लोग भी पहुंच गए थे, लेकिन उनकी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। अमर सिंह पक्ष के लोगों ने देखते ही देखते सतेंद्र को दो गोलियां मारीं।
हरिओम को सिर में गोली मारी। बाकी लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए थे। हमलावर उन्हें ढूंढ़ ढूंढ़कर गोली मार रहे थे। आखिर में उन्होंने नाबालिग जयप्रकाश को भी नहीं छोड़ा। ट्रॉली में चढ़कर उसको दो गोलियां मारीं, जिससे उसकी ट्रॉली में ही मौत हो गई।