Backward Classes Commission appointed principal in case the answer sought
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सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में प्राचार्य की नियुक्ति में अनियमितताएं बरतने के मामले में अब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब-तलब किया है। विश्वविद्यालय को पंद्रह दिन की मोहलत दी गई है। अगर समय पर जवाब नहीं जाता है तो आयोग ने विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। आयोग से पत्र मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में खलबली मची हुई है, क्योंकि पिछले कुछ सालों में जितने भी सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में प्राचार्य की नियुक्ति हुई, उनकी चयन समिति बनाने में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। अगर उन पर कार्रवाई होती है तो कई कॉलेजों में नियुक्त प्राचार्यों को हटाया जा सकता है।
विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रोफेसर डॉ. विजय बहादुर ने सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में नियमों की अनदेखी करने का मामला उठाया था। मामले की शिकायत राजभवन और पिछड़ा वर्ग आयोग में भी भेजी गई थी। राजभवन पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन को फटकार लगा चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में प्राचार्य की चयन समिति बनाई, उसमें एससी व एसटी वर्ग के सदस्यों को शामिल ही नहीं किया। कागजों पर समिति बनाकर प्राचार्य की नियुक्ति की जाती रही। पुवायां, शाहजहांपुर के एक कॉलेज में इस तरह का मामला भी सामने आ चुका है। आयोग के सचिव ने विश्वविद्यालय को पत्र भेजा है और पंद्रह दिन में जवाब-तलब किया है। जवाब नहीं देने की स्थिति में आयोग ने विश्वविद्यालय पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।