जेल के दो अफसरों ने दूर कराईं कानूनी अड़चनें
उच्च न्यायालय ने आजाद को दोषमुक्त ठहराते हुए जमानत दाखिल करने का आदेश दिया था। मैनपुरी न्यायालय में यह प्रक्रिया पूरी न होने से रिहाई आदेश जारी नहीं हो सका। मामला चर्चा में आया तो सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश गौतम ने मैनपुरी के विशेष न्यायाधीश को पत्र लिखकर रिहाई आदेश उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। सेंट्रल जेल के जेलर नीरज कुमार और मैनपुरी जेल के अधिकारियों ने संवाद किया और ई-मेल से रिहाई परवाना सेंट्रल जेल बरेली आ गया।
रात नौ बजे आजाद हुए आजाद
सेंट्रल जेल के जेलर नीरज कुमार ने बताया कि आजाद के भाई मस्तान ने आकर बीस हजार रुपये का निजी बंधपत्र भरवाया। बाकी सात हजार रुपये जुर्माने की रकम एक संस्था छोटी सी आशा व जेल कर्मियों ने चंदा करके जमा की। रात नौ बजे आजाद ने जेल से आजाद होकर खुली हवा में सांस ली। भाई के साथ वह घर के लिए रवाना हो गए।