जांच के लिए शिकायत करते हैं इंतजार, कैसे खुलेगा भ्रष्टाचार
अधिशासी अभियंता अमित आनंद ने बताया कि भ्रष्टाचार से जुड़े दूसरे मामलों में अगर शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। अभी तक उन्होंने अपने स्तर से कोई जांच शुरू नहीं कराई है। अगर विभागीय अधिकारी ऐसे ही शिकायत का इंतजार करते रहेंगे तो भ्रष्टाचार के मामले कैसे खुलेंगे?
ये था मामला
सुभाषनगर थाना क्षेत्र के नवजीवन अपार्टमेंट निवासी परमीत कुमार, बदायूं रोड पर मकान बनवा रहे हैं। उन्होंने पड़ोसी से सहमति के आधार पर बिजली ली थी, लेकिन जेई और कुली ने वीडियो बनाकर उनके खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी और 25 हजार रुपये मांगे। दोनों ने बार-बार दबाव बनाया गया तो परमीत ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन के डिप्टी एसपी को अवगत कराया और उधर, पांच हजार रुपये में मामला तय किया।
26 जनवरी को जैसे ही पांच हजार रुपये दिए गए, टीम ने उन्हें रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। बारीकी से जांच हुई तो कई और मामले भी खुल सकते हैं। एसीओ इश्तियाक अहमद ने एफआईआर में भी स्पष्ट लिखा है कि रिश्वत के बिना जेई कोई काम नहीं करता था। संविदाकर्मी इसमें सहयोगी हैं।