परिजन पीछे हटे तो पुलिस ने खुद रिपोर्ट दर्ज कर शुरू की थी जांच
बरेली। प्रेमनगर के अतुल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने उनके बेटे शुभम गुप्ता और पुत्रवधू कोमल का शनिवार को गुजरात के गांधीनगर में नार्को टेस्ट कराया। उम्मीद जताई जा रही है कि रिपोर्ट आने के बाद मामले का पर्दाफाश हो जाएगा।
निजी अस्पताल में कार्यरत अतुल गुप्ता का शव पिछले साल 18 अगस्त को प्रेमनगर के मोहल्ला भूड़ स्थित किराये के मकान में फंदे पर लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। अतुल अपने बेटे शुभम व सोनू और पुत्रवधुओं के साथ रहते थे। मगर परिवार वालों ने उनकी हत्या की रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई गई। पुलिस ने भी अनदेखी की जिस पर एसएसपी ने तत्कालीन इंस्पेक्टर बलवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद दरोगा प्रदीप कुमार की ओर से अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि अतुल का अपने बेटे और पुत्रवधू से झगड़ा होता था। इसके बाद पुलिस ने शुभम और उसकी पत्नी कोमल के बयान संदिग्ध मानकर उनके नार्को टेस्ट के लिए आवेदन किया था। फरवरी में इसकी अनुमति मिलने के बाद 14 अक्तूबर को पुलिस दोनों को लेकर गुजरात की गांधीनगर लैब लेकर गई। वहां पर शनिवार को उनका नार्को टेस्ट किया गया। इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद इस मामले से पर्दाफाश हो सकता है।
महंगा होता है नार्को टेस्ट
पुलिस के मुताबिक नार्को टेस्ट की प्रक्रिया काफी जटिल होती है और एक व्यक्ति के टेस्ट पर करीब 66 हजार रुपये का खर्च आता है। यही वजह है कि 14 अक्तूबर को यहां से जाने के बाद शुभम और उसकी पत्नी कोमल का नार्को टेस्ट शनिवार 16 अक्तूबर को हो सका।