बरेली के निजी अस्पताल में घायलों को लेकर पहुंचे तीमारदार स्टाफ से भिड़ गए। आरोप है कि तीमारदारों ने तोड़फोड़ की। जिससे अस्पताल प्रबंधन ने घायलों को भर्ती करने से इन्कार कर दिया।
बरेली में कुछ लोग सड़क दुर्घटना में घायल दो युवकों का इलाज कराने के लिए निजी अस्पताल पहुंचे। इलाज के बाद रात में अस्पताल स्टाफ ने बिल दिया तो मौजूद तीमारदारों ने खुद को एक प्रमुख राजनीतिक दल से संबंध बताकर हंगामा शुरू कर दिया। स्टाफ के साथ मारपीट कर अस्पताल में तोड़फोड़ की।
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सूचना पर आईएमए पदाधिकारी एकजुट हुए और उन्होंने मरीज को तत्काल डिस्चार्ज कर दिया। साथ ही, शहर के किसी भी निजी अस्पताल में भर्ती न करने पर सहमति बनी। घायल युवकों को लेकर तीमारदार एक से दूसरे निजी अस्पताल भटकते रहे पर कहीं सुनवाई नहीं हुई। आखिर में वे उसी अस्पताल लौटे। अस्पताल संचालकों से लिखित में माफी मांगी।
मानवीयता के आधार पर घायलों को एक निजी अस्पताल ने भर्ती किया। हालांकि, किसी भी पक्ष ने पुलिस में कोई तहरीर नहीं दी। आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने घटना पर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन से अस्पतालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।