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Bareilly News: निलंबित लेखपाल के गिरोह की शिकायत पर रामगंगा पुल से फेंकने की कोशिश, एक और रिपोर्ट दर्ज

Wed, 15 Jan 2025 02:02 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में निलंबित चकबंदी लेखपाल और उसके गिरोह पर एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।  कोतवाली में नई रिपोर्ट के साथ अब कुल नौ मुकदमों की विवेचना एसआईटी करेगी। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी लेखपाल और उसका साथी (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में निलंबित चकबंदी लेखपाल सावन कुमार जायसवाल के गुर्गे अमित राठौर उर्फ तिलकधारी ने वृद्ध हरिओम सागर को रामगंगा पुल से फेंकने की कोशिश की। हरिओम ने अब कोतवाली में एक और रिपोर्ट दर्ज कराई है। कुल मिलाकर नौ मामले दर्ज हो चुके हैं। 

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हरूनगला निवासी हरिओम सागर ने बताया कि सावन कुमार और अमित राठौर ने अपने गिरोह के सदस्य प्रदीप और पल्लव जायसवाल के नाम हिम्मत सिंह कोल्ड स्टोर की जमीन का फर्जी बैनामा कराया था। हरिओम सागर ने बताया कि वह अनुसूचित जाति के हैं। उनकी बिरादरी का जगदीश 1500 रुपये का लालच देकर उन्हें रजिस्ट्री दफ्तर ले गया था। वहां कागजों पर अंगूठे लगवाए। रजिस्ट्री दफ्तर में पेश भी किया गया। इसके बाद रुपये देकर घर भेज दिया। 

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अखबार में आरोपियों की फोटो देखकर उन्होंने शिकायत की तो सावन के गुर्गों ने रास्ते में रोककर जान से मारने की धमकी दी। हरिओम को हाईकोर्ट ले जाकर जमानत के लिए फर्जी रजिस्ट्रेशन करा दिया। वकालतनामे और सादा कागजों पर अंगूठे लगवाए। 

हरिओम के नाम से फर्जी प्रार्थनापत्र और शपथपत्र बनाकर अदालतों और सरकारी दफ्तरों में इस्तेमाल किए। दोबारा शिकायत की तो फोन कॉल कर जान से मारने की धमकी दी गई। रामगंगा पुल की ओर ले जाकर वहां से फेंकने की धमकी दी गई। अमित ने उन्हें सोनिया बैटरी नाम के युवक से मिलने के लिए धमकाया।

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आसपास के जिलों में भी फैला है सावन का नेटवर्क
सावन कुमार के गिरोह में बहुत से लोग हैं। वह जमीन कब्जाने का नेटवर्क चला रहा था। किससे किसके नाम बैनामा करवाना है और फाइनेंसर कौन होगा? यह सारी बातें सावन कुमार जायसवाल तय करता था। रजिस्ट्री दफ्तर और तहसील में भी उसकी अच्छी सेटिंग थी। 

सावन के साथ शाहजहांपुर के पल्लव जायसवाल और पीलीभीत के प्रदीप का नाम जुड़ रहा है। पल्लव जायसवाल और प्रदीप ने ही हिम्मत सिंह कोल्ड स्टोर का फर्जी बैनामा अपने नाम कराया था। इन लोगों को हिम्मत सिंह कोल्ड स्टोर की मालकिन ने नामजद भी कराया था। 

डेढ़ हजार रुपये देकर बीस करोड़ की जमीन हड़पी
सावन जायसवाल और अमित राठौर के जेल जाने के बाद हरिओम ने एसएसपी दफ्तर पहुंचकर इन लोगों पर डेढ़ हजार रुपये देकर कोल्ड स्टोर की जमीन का बैनामा कराने और फर्जी गवाही दिलाने का आरोप लगाया था। रिपोर्ट दर्ज कर एसआईटी करीब आठ मामलों की पहले से जांच कर रही है। हिम्मत सिंह कोल्ड स्टोर की जमीन करीब बीस करोड़ रुपये की है। 
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सूत्रों के मुताबिक पीलीभीत के प्रदीप और शाहजहांपुर के पल्लव जायसवाल ने सावन के इशारे पर इस जमीन की फर्जी वसीयत हरिओम के नाम बनवा ली। वसीयत के जरिये यह जमीन हरिओम से प्रदीप और पल्लव ने अपने नाम करा ली। इसके बदले हरिओम को डेढ़ हजार रुपये दिए गए थे। इसके बाद पल्लव और प्रदीप ने जमीन से संबंधित हाईकोर्ट में रिट भी डाली थी जो खारिज कर दी गई। 

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पल्लव ने मुरादाबाद के अजय प्रताप को 1.12 करोड़ में 848 वर्गमीटर और वहीं के गौरव को 99.32 लाख रुपये में 743 वर्गमीटर का बैनामा कर दिया। इन बैनामों में मुरादाबाद के वीरपाल और गौरव ने गवाही दी थी। सूत्रों के मुताबिक बैनामा कराने वाले भी सावन के ही लोग हैं। एसआईटी मुरादाबाद और पीलीभीत के गुर्गों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।

एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि लेखपाल सावन कुमार व उसके गिरोह के खिलाफ लगातार मामले दर्ज हो रहे हैं। अब नौ मामलों की विवेचना एसआईटी करेगी। इसमें कुछ प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं। उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। 
 
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