फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संशोधित : वक्त के साथ चाल बदलता रहा गिरधारी, होशियारी में फंसा

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। भाजपा नेता व हिस्ट्रीशीटर पप्पू गिरधारी वक्त के साथ चाल बदलता रहा। फिलहाल, युवा प्रेमिका की खातिर वह पत्नी की वजह से कमाई रकम को ठिकाने लगा रहा था, पर ज्यादा होशियारी दिखाने के चक्कर में फंस गया।
विज्ञापन

जोगी नवादा के साधारण परिवार में जन्मे गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की गिनती अब करोड़पति व बड़े कॉलोनाइजर के रूप में होती है। वह कई साल पहले जोगी नवादा का पार्षद रहा। इसके बाद मेयर और विधायक बनने की तमन्ना उसके दिल में है जो वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग में भी साफ हो रही है। वह खुद राजनीति में आगे नहीं बढ़ सका मगर रेखा आर्य अपने मायके सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बन गईं। कई बार से रेखा आर्या उत्तराखंड की काबीना मंत्री हैं। साझे में बनाई फर्मों में शुरू में पप्पू की कम और रेखा आर्या की ज्यादा साझेदारी थी।
पप्पू गिरधारी ने यूपी व उत्तराखंड में सरकार के प्रभाव से लिए गए ठेकों से करोड़ों की संपत्ति बनाई। बरेली बाइपास पर रेखा के लिए शानदार महल (फार्म हाउस) बनवा रहा था। इसी दौरान उसके जीवन में युवा प्रेमिका की एंट्री हुई तो रेखा आर्या से उसका मोहभंग होने लगा। इसी के तहत वह सिलसिलेवार तरीके से कंपनी के शेयर रेखा आर्या के कब्जे से कम करता चला गया।
विज्ञापन

करीब 67 साल का पप्पू गिरधारी कई शादियां कर चुका है। इस बार युवा महिला की करीबी राजनीति व बड़े हो रहे बच्चों की देखभाल में फंसी रेखा आर्या को रास नहीं आई। इसी वजह से दोनों के बीच दूरी बढ़ती चली गईं और नौबत मुकदमेबाजी तक आ गई।
दोनों को ही धोखा दे रहा था पप्पू
अब तक की हरकतें और ऑडियो रिकॉर्डिंग पर गौर करें तो पता लगता है कि पप्पू गिरधारी अपनी पत्नी रेखा आर्या व प्रेमिका दोनों को ही धोखा दे रहा था। वह दोनों का हमदर्द बनने की कोशिश कर रहा था और उन्हें एक तरफ फंसाकर दूसरी ओर से खुद ही राहत दिलाने का नाटक कर रहा था। यही वजह रही कि युवती अब तक जेल में है। देहरादून पुलिस कई बार बरेली जेल में आकर उससे पूछताछ कर चुकी है। सूत्र बताते हैं कि उसी के जरिये मिले इनपुट से पप्पू गिरधारी की गिरफ्तारी संभव हो सकी है।

जैन दंपती हत्याकांड में भी है आरोपी बरेली पुलिस को पप्पू गिरधारी के नाम 39 मुकदमों का रिकॉर्ड मिला है। चर्चित जैन दंपती हत्याकांड में अब भी सुनवाई चल रही है। एडीजे-10 कोर्ट में चार नवंबर को मामले की सुनवाई हुई थी। इसमें पप्पू के वकील की ओर से हाजिरी माफी की अर्जी दे दी गई। हालांकि, इस मामले में राहत के लिए पप्पू व अन्य आरोपियों ने पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहां पत्रावली लंबित हुई तो सुप्रीम कोर्ट में भी अर्जी डाली है।

कोर्ट से गुम हो गई थी जैन दंपती हत्याकांड की पत्रावली

35 साल पहले शहर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर नरेश जैन और उनकी पत्नी पुष्पा जैन की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। दंपती की बेटी ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पप्पू गिरधारी व बदायूं निवासी महिला समेत 12 लोग आरोपी बनाए गए थे। बाद में कुछ नाम बढ़ाए भी गए थे। कोरोना काल में पप्पू के कोर्ट में हाजिर न होने पर वारंट भी जारी हुआ था। पप्पू की ओर से केस को अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत से किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित करने के लिए जिला जज की अदालत में अर्जी लगाई गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान जैन दंपती हत्याकांड की पत्रावली वर्ष 2013 में गुम हो गई। इसके बाद जिला जज के आदेश पर पत्रावली दोबारा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें कहा गया कि मुकदमे से जुड़े वादी और आरोपी पक्ष के पास जो भी दस्तावेज उपलब्ध हों, वे कोर्ट को उपलब्ध करा दिए जाएं।

वर्जन

गिरधारी पप्पू बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मीडिया के जरिये ही मिली है। देहरादून पुलिस विवेचना कर रही है। बरेली पुलिस से किसी तरह की मदद मांगी जाएगी तो जरूर करेेंगे। - शिवम आशुतोष, एएसपी बरेली
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें