पीड़ित ठेला संचालक को लेकर जाते लोग
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पुलिस ने कुछ लड़कों को हिरासत में लिया साथ ही पीड़ितों को भी थाने बुला लाई। पीड़ितों से तहरीर देने के लिए कहा गया। देर रात रिपोर्ट लिखाने की तैयारी की जा रही थी। एहतियात के तौर पर पुलिस आसपास इलाके में गश्त कर रही थी।
सोशल मीडिया पर लिखा- इनसे कुछ नहीं खरीदना
अंजुमन का रास्ता रोकने के बाद सोशल मीडिया पर भी घमासान मचा है। दोनों समुदाय के लोगों के अपने-अपने तर्क हैं। जिस समुदाय के लोग जुलूस नहीं ले जा सके, उनके पक्ष से कुछ खुराफातियों ने दूसरे समुदाय के दुकानदारों से सामान न खरीदने को लेकर पोस्ट डाली हैं।
जोगी नवादा में लोगों से वार्ता करते पुलिस अधिकारी
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अकील नाम के यूजर ने फेसबुक पर लिखा कि जुलूस अनुमति से निकल रहा था जिसे गलत तरीके से रोक दिया गया। कुछ लोगों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप पर भड़काऊ बातें लिखीं, जिस कारण तीखी बहस छिड़ी रही। कई लोगों ने स्टेडियम चौराहे के पास क्षतिग्रस्त किए गए धार्मिक स्थल के वीडियो डालकर माहौल में उबाल पैदा किया।
धर्मगुरुओं और प्रबुद्ध जनों का संवाद कराएंगे आईजी
जोगी नवादा में बिगड़े माहौल को सुधारने के लिए आईजी डॉ. राकेश सिंह ने पहल की है। उनके निर्देश पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अब दोनों पक्षों के धर्म गुरुओं, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और समाज के संभ्रांत लोगों के साथ बैठक करेंगे। पिछले साल कांवड़ यात्रा, मोहर्रम और अब ईद मिलादुन्नबी के दौरान हुए विवादों की समीक्षा के बाद यह पहल की जा रही है।
यहां इनके रास्तों को लेकर भी चर्चा की जाएगी। आईजी ने बताया कि विवाद का केंद्र रहे जोगी नवादा और जगतपुर में इस तरह की बैठकें होंगी। आईजी ने लोगों से अफवाहों से बचने का आह्वान किया। उन्होंने एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि वह पुलिस और प्रशासन की टीम बनाकर जुलूसों के रास्तों का स्थलीय सत्यापन करा लें, कि कहां पर असहमति है।